नजरूल मंच में बदल सकता है एंट्री का सिस्टम

सन्मार्ग संवाददाता
काेलकाता : नजरूल मंच में परफॉर्मेंस के बाद के.के. की मौत को लेकर सवाल तो कई खड़े हाे रहे हैं, लेकिन आगे ऐसा कुछ ना हो इसके लिए क्या हो रहा है ? जानकारी के अनुसार, क्षमता से काफी अधिक लोग आ जाने के कारण कंसर्ट के दौरान गर्मी काफी अधिक हो गयी थी। अब सवाल ये उठता है कि क्षमता से अधिक लोग आये कैसे ? 2482 क्षमता वाले नजरूल मंच में लगभग 7000 लोगों की भीड़ कैसे घुस आयी और किसने अंदर आने दिया ? पुलिस वहां क्या कर रही थी, किसी ने भीड़ को रोका क्यों नहीं ? कंसर्ट के लिए एंट्री पास बनवाये गये थे, लेकिन एंट्री पास के बगैर इतने लोग कैसे अंदर आ गये ? इस बारे में केएमडीए के एक अधिकारी ने बताया कि जब भी कोई कार्यक्रम होता है तो लोगों की एंट्री की जिम्मेदारी आयोजकों की होती है। आयोजकाें की ओर से ही एंट्री पास दिये जाते हैं। हालांकि इस मामले में आयोजकों की लापरवाही स्पष्ट देखी जा सकती है। उक्त अधिकारी ने बताया कि इस तरह का हादसा आगे ना हो, इसके लिए जल्द ही नजरूल मंच का एंट्री सिस्टम बदला जा सकता है। केएमडीए के सूत्रों ने बताया कि अभी तक आयोजकों पर ही एंट्री पास जारी करने की जिम्मेदारी होती है। इस कारण कई मामलों में क्षमता से अधिक लोग अंदर आ जाते हैं और चूंकि आयोजकों द्वारा ही कुछ बाउंसर्स रखे जाते हैं जिस कारण भीड़ को नियंत्रित करना भी उनके जिम्मे होता है। हालां​कि जल्द ही ऐसा हो सकता है कि एंट्री पास केएमडीए की ओर से जारी किया जाए। क्षमता के अनुसार एंट्री पास केएमडीए की ओर से जारी किये जाएंगे ताकि इस प्रकार क्षमता से अधिक भीड़ आगे किसी कार्यक्रम में ना हो। इसके लिए बातचीत चल रही है, जल्द इस पर निर्णय लिया जा सकता है।

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