पहले रुलाती थी ‘प्याज’ अब ‘आलू’ भी होने लगे लाल

महज 30 दिन में 15 रुपये तक बढ़े आलू के दाम
कोलकाताः बढ़ती कीमतों के चलते अब आम आदमी के थाली से आलू गायब होने लगे हैं। बंगाल के लोगों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किये जाने वाला ‘आलू सेधो भात’ यानी कि चावल और चोखा को लोग बहुत मिस करने लगे हैं और ऐसा इसलिये हो रहा है क्योंकि सभी सब्जी के साथ सेट होने वाले आलू का दाम आसमान छूने लगा है। बाजार में चंद्रमुखी आलू 40 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहे हैं। पिछले एक महीने में आलू के दाम में करीब 15 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। कारोबारियों का दावा है कि आपूर्ति कम होने से आलू के दाम बढ़े हैं।
महंगाई डायन खाये जात है
आलू, चावल, दाल, तेल, सब्जियां ये सारी चीजें लेने एक बार बाजार क्या गये तो पूरी जेब खाली हो जा रही है। उसके ऊपर से रसोई गैस की ‘लक्जरी कीमत’ की दोहरी मार तो अलग ही है। ऐसे में मध्यम वर्ग ने चावल और चोखा खाकर जीवन यापन करने की योजना बनाई थी। लेकिन आलू की कीमतों में असामान्य वृद्धि से यह आशंका पैदा हो गई है कि इस बार तो शायद आलू चोखा और चावल भी खाने के लाले पड़ सकते हैं। बाजार में हो या बीच सड़क पर लोग महंगाई को लेकर ही चर्चा करते नजर आ रहे हैं।
कहा जनता ने…
आलू की बढ़ती कीमतों पर जब सन्मार्ग की टीम ने लोगों से बातचीत की तो राजू मलिक ने कहा कि हमारे परिवार में पांच सदस्य हैं लेकिन बढ़ती महंगाई को देखते हुये तो एक सदस्य का पेट भरना भी मुश्किल हो गया है। वहीं आशुतोष झा ने कहा कि रविवार के दिन तो घर में एक से अधिक डिश बनना तय है लेकिन जिस तरह महंगाई बढ़ रही है लग रहा है रविवार को भी एक ही डिश से काम चलाना पड़ेगा।
इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा
पान से लेकर चूना तक रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भारत के इतिहास में पहली बार घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 1,000 का आंकड़ा पार कर गई है। कोलकाता में 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत अब 1,026 रुपये है। वहीं, पेट्रोल-डीजल समेत आवश्यक वस्तुओं के दाम और बढ़ते खाद्य तेल की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।

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