कोविड अस्पताल के कारण दुर्घटना के शिकार मरीज को नहीं लिया भर्ती, तड़प-तड़प कर तोड़ दिया दम

खड़दह के बलराम सेवा सदन अस्पताल की भूमिका पर उठे सवाल
लोगों ने अस्पताल गेट पर जताया विक्षोभ
खड़दह : कोविड अस्पताल होने के कारण एक घायल मरीज को भर्ती नहीं लिया गया और इस कारण अस्पताल गेट पर ही मरीज से दम तोड़ दिया। यह घटना खड़दह थाना अंतर्गत बलराम सेवा सदन अस्पताल इलाके में घटी है। मिली जानकारी के अनुसार आसनसोल के निवासी कृष्णा यादव (60) जो कि पेशे से ट्रक ड्राइवर है वह खड़दह में ट्रक पर सिमेंट की ढुलाई करने के लिए आया था। आरोप है कि रात में सिमेंट खाली करने के बाद वह ट्रक के पास ही आराम करने के लिए लेट गया था तभी एक वहां से गुजर रही एक गाड़ी के उसे कुचल दिया। ड्राइवर के साथी खलासी ने गंभीर अवस्था को देखते हुए उसे दूर ना ले जाकर निकट के बलराम सेवा सदन अस्पताल ले गया मगर आरोप है कि मरीज की अवस्था गंभीर होने पर भी कोविड प्रोटोकॉल पालन का हवाला देकर मरीज को अस्पताल में भर्ती नहीं लिया गया। आरोप है कि इसकी जानकारी पर खड़दह थाने की पुलिस ने भी वहां पहुंचकर अस्पताल प्रबंधन कर्मियों से मरीज को भर्ती लेकर उसकी प्राथमिक चिकित्सा करने को कहा मगर अस्पताल कर्मियों के ढिढई दिखाते हुए अस्पताल गेट का ताला नहीं खोला। इस कारण मरीज ने अस्पताल गेट के सामने ही तड़प-तड़प कर जान दे दी। आरोप यह भी है कि इसके बाद कृष्णा का शव लगभग 3 घंटों तक वहीं पड़ा रहा। बाद में खड़दह थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमोर्टम के लिए भेज दिया। इस घटना को लेकर लोगों ने अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल खड़े किये हैं। स्थानीय निवासी व कांग्रेस प्रतिनिधि गुरुपद विश्वास ने आरोप लगाया कि कोविड विधि का उल्लंघन करना मरीज की जान से कीमती नहीं थी यहां डॉक्टरों व अस्पताल कर्मियों ने अपने कर्तव्यों का भी निर्वाह नहीं किया है अतः ऐसा करने वालों के ​विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस घटना को लेकर दूसरे दिन बुधवार को स्थानीय लोगों ने भी अस्पताल पर भारी लापरवाही और गैर जिम्मेदारी दिखाने के आरोप में अस्पताल गेट पर विक्षोभ-प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अस्पताल में मरीज को प्राथमिक चिकित्सा मिलनी ही चाहिए, अगर ऐसा नहीं है तो प्रशासन को इसकी व्यवस्था करनी होगी। मरीज की जान कोविड से तो बाद में जायेगी मगर इस लापरवाही से उसे अपनी जान ऐसे ही गंवानी पड़ जायेगी। बाद में खड़दह थाने की पुलिस ने वहां पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर परिस्थितियों को नियंत्रित किया। वहीं इस घटना की निंदा करते हुए अंचल के तृणमूल नेता दिव्येंदु चौधरी ने कहा कि घटना को लेकर सुपर से बात की गयी है। उन्होंने इस बाबत छानबीन कर कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि घटना के समय उपस्थित अस्पताल कर्मी और डॉक्टरों की यह भूमिका सही मायनों में उनके कार्यों पर सवाल खड़े करती हैं। कोविड अस्पताल में ना सही मगर मरीज को अस्पताल की ओर से अन्य अस्पताल पहुंचाने की मदद तो मिलनी ही चाहिए थी।

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