भाजपा में आये दर्जनों नेताओं को मिली केंद्र से सुरक्षा

नयी दिल्ली/कोलकाता : तृणमूल व अन्य पार्टियों से हाल में भाजपा में शामिल दर्जन भर से अधिक विधायकों और सांसदों को केंद्र सरकार की ओर से वीआईपी सिक्योरिटी दी गयी है। इस बारे में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से उन नेताओं के संबंध में ‘खतरे’ और सेंट्रल ​सिक्योरिटी एजेंसियों से मिली रिपोर्ट के आधार पर उक्त नेताओं को सुरक्षा दी जा रही है। बताया गया कि सभी नेताओं को पश्चिम बंगाल में आने – जाने के लिए ‘एक्स’ और ‘वाई’ कैटेगरी की सुरक्षा दी गयी है। सेंट्रल इण्डस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) के जवान उन नेताओं की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। अर्द्धसैनिक बल में एक वीआईपी सिक्योरिटी यूनिट रहती है जिसे स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप (एसएसजी) कहते हैं और यह एनएसए के अजीत डोवाल, संघ प्रमुख मोहन भागवत जैसे हाई रिस्क वाले व्यक्तियों की रक्षा करती है। सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को देखते हुए नेताओं को दी गयी सुरक्षा ‘कम समय के लिए’ है और चुनावी मौसम के बाद सुरक्षा काे लेकर रिव्यू किया जाएगा।
इन नेताओं को मिली केंद्र से सुरक्षा
तमलुक से विधायक अशोक दिंदा, कांथी उत्तर से विधायक बनश्री माईती, पुरुलिया से सुदीप मुखर्जी, गाजोल से दिपाली विश्वास, बाली से वैशाली डालमिया, मंतेश्वर से सैकत पांजा, हल्दिया से तापसी मण्डल, कालना से विश्वजीत कुण्डू और बैरकपुर से विधायक शीलभद्र दत्त को केंद्र की सुरक्षा प्रदान की गयी है। गाजोल की विधायक दिपाली विश्वास ने वर्ष 2016 में माकपा के टिकट से गाजोल से चुनाव लड़ा था, लेकिन वर्ष 2018 में वह तृणमूल में शामिल हो गयी थीं। हालांकि अब तक उन्होंने माकपा विधायक के पद से इस्तीफा नहीं दिया है। उक्त सभी विधायक हाल में माकपा, कांग्रेस और तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं।
इन सांसदों को मिली सुरक्षा
भाजपा के लोकसभा सांसद कुनार हेम्ब्रम (झाड़ग्राम), डॉ. सुभाष सरकार (बांकुड़ा), जगन्नाथ सरकार (रानाघाट) और पार्टी के नेता व राज्य कमेटी के सदस्य कृष्णेंदु मुखर्जी को भी केंद्रीय सुरक्षा प्रदान की गयी है।
इस तरह की होती है सुरक्षा
सबसे नीचे ‘एक्स’ कैटेगरी की केंद्रीय सुरक्षा होती है जिसमें दो से तीन सशस्त्र कमांडो रहते हैं। वहीं ‘वाई’ कैटेगरी में 4-5 सशस्त्र कमांडो हो सकते हैं। ‘जेड’ और ‘जेड+’ की सुरक्षा सबसे ऊपर होती है जिसमें राज्य सरकार भी अपनी पुलिस इकाई द्वारा सुरक्षा प्रदान करती है।

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