अस्पतालों में नहीं मिल रहे हैं डोम

युद्धस्तर पर हो रही हैं नियुक्तियां
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः राज्य में कोरोना वायरस के सेकेंड वेव ने स्वास्थ्य परिसेवा की स्थिति खराब सी कर दी है। आलम यह है कि बड़े पैमाने पर स्वास्थ्यकर्मियों की कमी की भी आशंका नजर आ रही है। कुछ ऐसे ही संदेश स्वास्थ्य विभाग के हाल के निर्णय से नजर आ रहे हैं। दरअसल कोविड मरीजों के मृतकों की संख्या में वृद्धि हो रही है। एक दिन में कोरोना संक्रमण से मृतकों का आंकड़ा 100 पार जा रहा है।
तो क्या अस्पतालों में शवों को उठाने वाले कर्मी नहीं मिल रहे?
कई अस्पतालों के सूत्र बताते हैं कि इन दिनों सभी अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों पर ही अतिरिक्त दबाव बढ़ा है। ऐसे में कई जगहों पर मृतकों के शवों तक को उठाने के लिए कर्मी नहीं मिल रहे हैं। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार राज्य के प्रायः सभी जिलों में स्थित अस्पतालों में अस्थायी डोम की नियुक्ति किए जाने के विए विज्ञप्ति जारी की गई है। इसका उद्देश्य संभवतः यही है कि किसी भी प्रकार से मृतकों के शव को सही ढंग से अंतिम संस्कार के लिए श्मसान घाट तक भेजा जा सके। अप्रैल महीने से ही कई अस्पतालों में डोम की नियुक्ति के लिए अधिसूचना जारी हो रही है। यह अब भी कई अस्पतालों के लिए जारी है। इसमें डोम की नियुक्ति छह महीने के लिए की जा रही है। वेतनमान 10 हजार रुपये मासिक तौर पर निर्धारित किया गया है।
कुछ अस्पतालों में नियुक्ति पर नजर
कृषि भवन कोविड हॉस्पिटल के लिए- 6
बोलपुर -4
डॉ.आर. अहमद डेंटल के लिए -3
कोविड हॉस्पिटल नंदीग्राम हेल्थ डिस्ट्रिक्ट- 3
हुगली- 6
झाड़ग्राम-2
कोविड वार्ड पुरुलिया-4
आर.जी.कर मेडिकल कॉलेज- 3
कोविड-19 हॉस्पिटल, दार्जिलिंग-6
उत्तर 24 परगना के विभिन्न कोविड वार्ड- 19
कोलकाता मेडिकल कोविड वार्ड- 2
नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज-6

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