महानगरः अगर हो जाए भूलने की बीमारी तो घबराएं नहीं, यह है महामारी काल का असर

कोविड से उबरे तो कमजोरी, भूलने की बीमारी के लक्षण
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः कोरोना से संक्रमित होने के बाद बड़ी संख्या में लोग ठीक हो चुके हैं। एक बड़ी आबादी कोविड से संक्रमित हुई थी। हालांकि देखा जा रहा है कि कोविड के संक्रमण से ठीक होने के बाद घर पहुंचने के कुछ दिनों या महीनों में लोगों में नए लक्षण भी मिल रहे हैं। ऐसे काफी मरीज इन दिनों अस्पतालों में डॉक्टरों के पास आउटडोर में पहुंच रहे हैं। देखा जा रहा है ‌‌कि निगेटिव होने के महीने भर बाद ही काफी मरीज न्यूरोलॉजिस्ट, जनरल फीजिशियन, साइकियाट्रिस्ट के पास पहुंच रहे हैं।
अचानक लोगों को कुछ भी नहीं लग रहा अच्छा, आलसपन सा हो रहा महसूस
आर.जी.कर मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल के साइकियाट्रिस्ट विभाग के प्रमुख डॉ.दिलीप मंडल ने बताया कि कोविड से संक्रमित होने के बाद से काफी लोगों में भूलने की काफी ज्यादा समस्या सामने आ रही है। हालां‌कि लोगों का ध्यान इस तरफ नहीं जा रहा है। हमारे पास एंजाइटी (चिंता), डिप्रेशन (उदासी या कुछ ठीक ना लगना), तनाव सहित अन्य मामले भी आ रहे हैं। देखा जा रहा है कि काफी लोग अचानक छोटी-छोटी चीजें भी भूलने लगे हैं। मन भी व्याकुल सा हो जा रहा है। महामारी के कारण दरअसल बीमारी, नौकरी, पैसे का तनाव बढ़ा है। ऐसे में देखा जा रहा है कि जो कोरोना संक्रमण से पहले कभी नहीं होता था, अब ऐसा हो रहा है। डॉ.रंजन घोष, साइकियाट्री ने बताया कि कोविड पश्चात कई मरीजों में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिसे पोस्ट कोविड सिन्ड्रोम कहा जाता है। तनाव, अचानक गुस्सा आना, काम में मन न लगना जैसी शिकायत लिए काफी लोग क्लिनिक में पहुंच रहे हैं। सबसे बड़ी बात है कि काफी लोग इन समस्याओं को उजागर करने से परहेज कर रहे हैं। आवश्यक है कि लोग संबंधित समस्या के बाद डॉक्टर के पास जरूर पहुंचें।
डॉक्टरों के पास पहुंच रहे अन्य पोस्ट कोविड के भी मरीज
सीके बिड़ला हॉस्पिटल्स, सीएमआरआई और बीएम बिरला हार्ट रिसर्च सेंटर, कोलकाता के विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड -19 के सेकेंड वेव में संक्रमणों में भारी वृद्धि देखी गई। देखा जा रहा है कि जो मरीज संक्रमण से उबर चुके हैं, वे कोविड की जटिलताओं, विशेष रूप से सांस लेने में तकलीफ व अन्य समस्याओं की शिकायत करते हुए अस्पतालों में लौट रहे हैं। डॉक्टर ऐसी स्थिति का कारण पल्मोनरी फाइब्रोसिस को बता रहे हैं, जबकि हृदय रोगों की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं कर रहे हैं। डॉ. राजा धर, पल्मोनोलॉजिस्ट, विभागाध्यक्ष, पल्मोनोलॉजी, सीएमआरआई और डॉ. अंजन सियोतिया, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, विभागाध्यक्ष- कार्डियोलॉजी, बीएम बिड़ला हार्ट रिसर्च सेंटर ने सेकेंड वेव के प्रतिकूल प्रभावों पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका मानना ​​​​है कि कुछ मामलों में पोस्ट-रिकवरी लक्षण कुछ खतरनाक और हानिकारक होने के संकेत हो सकते हैं, यदि अधिक नहीं, तो कोविड से ही।

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