जब सौमित्र ने दिलीप घोष को बनाया सीएम, पार्टी ने लगाई फटकार

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य में सियासी बयानबाजी का दौर शुरू हो चुका है। बिष्णुपुर से भाजपा सांसद सौमित्र खान ने रविवार को सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि यदि पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत होती है तो राज्य के अगले मुख्यमंत्री दिलीप घोष बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष का नाम आते ही राज्य में सियासी सरगर्मियां तेज हो गईं।
वरिष्ठ नेताओं ने लगाई फटकार
दरअसल, सांसद सौमित्र खान के इस दावे पर भाजपा के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) शिवप्रकाश, भगवा दल के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा के राज्य महासचिव (संगठन) अमिताव चक्रवर्ती सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनकी खिंचाई की और नाराजगी जताते हुए उन्हें फटकार भी लगाई।
सौमित्र खान को दी गई चेतावनी
सूत्रों की मानें तो इन तीनों नेताओं ने एक बैठक के दौरान दिलीप घोष के सामने सौमित्र खान को खरी-खोटी सुनाई है। साथ ही, उन्हें अपने बयानों पर नियंत्रण रखने को कहा गया है। विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि दोबारा ऐसी हरकत करने पर सांसद को कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा। बैठक में विजयवर्गीय ने सौमित्र से कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर फैसला शीर्ष नेतृत्व की अगुवाई में संसदीय बोर्ड की बैठक में होता है।
मुख्यमंत्री के चेहरे पर लग रहीं अटकलें
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्य में इस बार भाजपा अहम पार्टी के रूप में सामने आ सकती है। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था। हालांकि, पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद पर कौन होगा, इसका कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। इस बीच बंगाल युवा मोर्चा के अध्यक्ष सौमित्र खान ने दावा किया कि राज्य में जीत के बाद भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा दिलीप घोष होंगे। इस बात पर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।

 

शेयर करें

मुख्य समाचार

वैभव लक्ष्मी का करें पूजन मिलेगा धन लाभ

कोलकाता : हिंदू धर्म में शुक्रवार का दिन बेहद खास माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि, इस दिन उपवास करने से शुक्र ग्रह आगे पढ़ें »

शिवसेना पश्चिम बंगाल में नहीं लड़ेगी चुनाव, तृणमूल को दिया समर्थन

बंगाल इकाई ने अलग किये रास्ते तृणमूल ने किया शिव सेना के फैसले का स्वागत कोलकाता : राष्ट्रीय जनता दल और समाजवादी पार्टी के बाद शिव सेना आगे पढ़ें »

ऊपर