पढ़ाई लिखाई क्या बंद हुई स्कूल ही किराये पर कर डाला

गांव वालों ने किया स्कूल के सामने विरोध प्रदर्शन
मालदह : कोरोना के कारण पढ़ाई लिखाई ठप हो गई और स्कूल भी बंद हो गए। इसका फायदा उठाते हुए एक सरकारी प्राथमिक स्कूल के प्रधान शिक्षक ने स्कूल को ही किराये पर उठा दिया। गांव वालों को इसकी जानकारी मिली तो उन लोगों ने शनिवार को स्कूल के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इस क्षेत्र के ही एक परिवार को वह स्कूल मोटा किराये पर दिया गया है। यह घटना मानिकचक थाने के अंतर्गत साहेब रामटोला प्राथमिक विद्यालय की है। शनिवार को गांवा वालों ने स्कूल परिसर में विरोध जताने के साथ ही प्रधान शिक्षक को हटाये जाने की मांग की। इस बात को लेकर किरायेदार के साथ गांव वालों की तकरार भी हुई। हालांकि प्रधान शिक्षक कनक शाहा ने इन सारे आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी को भी स्कूल रहने के लिए नहीं दिया है। जो आरोप लगाया जा रहा है वह गलत है। किरायेदार का हवाला देते हुए उन्होंने सवाल किया कि कथित किरायेदार ने अपने घर की मरम्मत कराने के लिए कब स्कूल लिया था। आरोप लगाया जा रहा है कि कोरोना के कारण काफी दिनों से स्कूल बंद है और प्रधान शिक्षक ने इसी का फायदा उठाया है। आरोप है कि प्रधान शिक्षक कनक साहा ने एक व्यवसायी लालमोहन मंडल के परिवार को स्कूल के हॉल को मोटी रकम ले कर किराये पर दिया था। मामले की जानकारी मिलते ही गांव वालों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। गांव वालों का आरोप है कि लालमोहन मंडल अपना पुराना मकान तोड़ कर नया मकान बना रहे हैं। इसी लिए उन्होंने स्कूल के हॉल को किराये पर लिया था। उनका परिवार पिछले दस माह से स्कूल में रह रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं लालमोहन मंडल पूरे स्कूल का अपने काम के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। मकान तैयार करने का सरोसामान मसलन बालू, ईट और सीमेंट सब स्कूल में ही रखे गए हैं। इतना ही नहीं अपने घर के पशुओं को भी स्कूल में ही रख रखा है। स्कूल परिसर में ईंट बालू आदि बिखरे हुए हैं। स्कूल के बरामदे में पशुओं के खाने का लाट लगा हुआ है। गांव वालों का आरोप है कि स्कूल के रखरखाव का काम भी ढंग से नहीं होता है। इस बात को लेकर लालमोहन के साथ गांव वालों की तकरार भी हुई। उनकी पत्नी रिउक मंडल ने कहा कि वे उपयुक्त अनुमति लेकर ही स्कूल का व्यवहार कर रहीं हैं। उन्होंने माना कि वे प्रधान शिक्षक से अनुमति लेने के बाद ही किराये पर रह रही हैं। अलबत्ता प्रधान शिक्षक कनक मंडल ने सारे आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि गांव वालों के कहने पर सिर्फ एक कमरे का इस्तेमाल करने की अनुमति उन्होंने दी है।
गांव वालों ने कहा कि वे पूरे मामले की जानकारी ब्लॉक प्रशासन को देंगे।

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