एयरपोर्ट पर जून से चालू होगी डीजी यात्रा

लगातार चल रहा है ट्रायल, इंटरनल ट्रायल में ठीक की जा रही है गलतियां
एक बार फिर अप्रैल का डेडलाइन मिस हुआ
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता एयरपोर्ट पर जून से बहुप्रतिक्षित डीजी यात्रा की शुरुआत होने जा रही है। इस सिस्टम के तहत यात्री कांटेक्टलेस यात्रा कर पाएंगे। एक के बाद एक कई डेडलाइन मिस होने के बाद अब इसका ट्रायल लगातार चल रहा है। फिलहाल इंटरनल ट्रायल किया जा रहा है। इसमें काफी गलतियां भी मिल रही है, जिसे ठीक करने में इंजीनियर्स व इस टीम के सदस्य दिन रात एक किये हुए हैं। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल के पहले ही वर्ष 2020 में इसे शुरू होना था लेकिन यह सिस्टम के आने में देरी और फिर लॉकडाउन तथा अन्य समस्याओं के कारण संभव नहीं हो पाया था लेकिन अब यह तैयार है।
टर्मिनल के इंट्रेंस गेट पर लगाया गया सिस्टम
टर्मिनल के इंट्रेंस के गेटों पर यात्री के पहचान वाले कियोस्क सहित अन्य उपकरणों को इंस्टॉल कर दिया गया है। एक सुरक्षा होल्ड पोर्टल के साथ-साथ तीन बोर्डिंग गेटों पर फेस रिकग्निशन कैमरों को गत दिसंबर 2021 में ही इंस्टॉल कर दिया गया था। फिलहाल इन उपकरणों का परीक्षण हो रहा है। यह सिस्टम कोलकाता, वाराणसी, पुणे, विजयवाड़ा, बंगलुरु, दिल्ली और हैदराबाद में लगायी जा रही है। वाराणसी में कोलकाता से पहले यह शुरू हो जाएगा। रेजिस्ट्रेशन कियोस्क डिर्पाचर लेवल के 2 बी और 3 ए में लगाया गया है। इसके साथ ही फेसियल रिकग्निशन कैमरे भी सिक्युरिटी होल्ड पोर्टल 3 पर लगाए गये है। ये सभी सेवाएं घरेलू यात्रियों के लिए है। ऐसा ही गेट बोर्डिंग गेट 21, 22 तथा 23 में लगाया जाएगा। डिजी यात्रा की शुरुआत भारतीय एयरपोर्टों पर पेपरलेस यात्रा की अनुमति देता है। यात्रियों को इसके लिए फ्लाइट की टिकटें या बोर्डिग पास की सॉफ्ट कॉपी या प्रिंट आउट रखनी होगी। इसके साथ ही वैलिड आईडी कार्ड की भी लगेगा।
एक बार रजिस्ट्रर होने पर उड़ान में एंट्री तक कोई दस्तावेज नहीं लगेंगे
टर्मिनल में एक बार रजिस्ट्रर होने के बाद कोई दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। चाहे वह सिक्युरिटी होल्ड एरिया में हो या फिर बोर्डिग करते वक्त, यात्री आराम से अपनी उड़ान में प्रवेश कर पाएंगे। इस परियोजना की खासियत है कि यात्री का चेहरा फोटो से मिलते ही गेट खुल जाएगा यानी एयरपोर्ट के अंदर प्रवेश करने की मंजूरी मिल जाएगी। जब यात्री एयरपोर्ट में प्रवेश करेगा और गेट के सामने आएगा, तो मॉनिटर पर तस्वीर दिखाई देगी। अगर तस्वीर चेहरे से मिलेगी तो गेट अपने आप खुल जाएगा। साथ ही मेन गेट से प्रवेश करने के बाद इलेक्ट्रॉनिक गेट के सामने तस्वीर आ जाएगी जहां यात्री चेकिंग संबंधित हिस्से से गुजरेगा। इससे समय की बचत होगी और सही यात्री की पहचान होगी।

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