फरमान जारी : कोई भी सांसद किसी भी दस्तावेज पर नहीं करेगा हस्ताक्षर

सोनू ओझा

●●तृणमूल हाईकमान का आदेश

●●कल्याण-अपरूपा मामले के बाद पार्टी का सख्त कदम

●●​बंधी रहे पार्टी में अनुशासन की सीमा इसलिए पार्टी ने जारी किया निर्देश

कोलकाता : पार्टी में एक अहम पोस्ट पर रहते हुए पार्टी नेतृत्व के खिलाफ ही प्रखर होते हुए विरोधी स्वर में बात करने के कारण ही अब ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की ओर से सख्ती बढ़ा दी गयी है। पिछले दिनों श्रीरामपुर के सांसद कल्याण बनर्जी और आरामबाग की सांसद अपरूपा पोद्दार के बीच जिस तरह का वाक युद्ध देखा गया उसके बाद से पार्टी हाई-कमान ने सभी सांसदों को सख्त निर्देश दिया है कि बगैर पार्टी नेतृत्व की अनुमति कोई भी किसी तरह की बयानबाजी नहीं करेगा न ही पार्टी की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएगा। लोकसभा में तृणमूल के व​रिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने सन्मार्ग को बताया कि पार्टी में अनुशासन बना रहे इसलिए नीतिगत तरीके से सांसदों को अपना काम करने को कहा गया है।

कल्याण-अपरूपा मुद्दे से पार्टी खफा ! ः खुद दिन पहले ही सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बंद्योपाध्याय के खिलाफ विरोधी स्वर बोले थे जिस पर पार्टी ने तुरंत एक्शन भी लिया था तथा हर बार की तरह इस बार भी कह दिया था कि नीति की सीमा लांघने वालों के खिलाफ पार्टी सख्त कदम उठाएगी। इस बीच अपरूपा पोद्दार ने भी कल्याण के खिलाफ मुखर होते हुए उन्हें संसद में चीफ ह्वीप का पद छोड़ने की हिदायत दे बैठी।

पार्टी नेताओं की माने तो इस पूरे प्रकरण को पार्टी गलत तरीके से देखते हुए सरासर इस नीति के विरूद्ध मान रही है। यही कारण है कि ऐसे मामले भविष्य में न हो उसके पहले ही पार्टी सीमा तय करने में जुट गयी है।

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