क्रिटिकल बेड अब भी फुल, जनरल में कुछ राहत

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाताः शहर के प्रमुख अस्पतालों के कोविड बेड कोरोना मरीजों से पिछले दिनों फुल थे। इस कारण गंभीर कोरोना मरीजों के सामने इलाज का संकट पैदा हो रहा था। देखा जा रहा था कि काफी मरीजों को एंबुलेंस में आक्सीजन सपोर्ट पर लिटाकर दिनभर अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे थे। इस तरह के नाजुक हालात से लोगों को अक्सर ही दो चार होना पड़ रहा था। कोरोना मरीज बढ़ने से अस्पतालों में इलाज के इंतजाम कम पड़ने लगे थे। महानगर के ज्यादातर अस्पतालों में आईसीयू, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन बेड फुल हो गए थे। हालांकि अब बेड की कमी की समस्या काफी हद तक सामान्य होती नजर आ रही है।
90% बेड अब भी फुल, 10% खाली
सीके बिड़ला हॉस्पिटल्स के सीओओ डॉ. सिमरदीप गिल ने कहा कि देखा जा रहा है कि अब पहले की अपेक्षा 90% बेड फुल हैं। हालांकि 10% बेड खाली भी हैं। पहले स्थिति ऐसी थी कि करीब 100% बेड ही फुल थे। क्रिटिकल बेड अब भी करीब-करीब फुल हैं। आर.एन. टैगोर इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ कार्डियाक साइंसेज (आरटीआईआईसीएस) के जोनल हेड आर.वेंकटेश ने कहा कि बेड के लिए वेटिंग अब कम हो गई है। यह कहा जा सकता है कि गंभीर मरीजों को इससे कुछ राहत मिली है। हालांकि लोगों को अभी भी संभलकर चलना होगा।
इस पर भी नजर
कुल कोविड बेड-35998
उपलब्ध कोविड बेड-13726
कुल कोविड हॉस्पिटल-533
(नोटः आंकड़े स्वास्थ्य विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार)
कुछ अस्पतालों पर नजर
अस्पताल- कुल बेड -खाली बेड
आमरी साल्टलेक-80-50
सीएनसीआई-422-68
बेलियाघाटा आईडी-315-105
एमआर बांगुर-587-5
कोलकाता मेडिकल-433-81
एनआरएस-307-0
(नोटः आंकड़े स्वास्थ्य विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार)

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