कोविड की दवाओं को भी किया जा रहा है स्टॉक, कई दवाओं की कमी

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोरोना की पहली लहर में खाने-पीने के सामानों की जमाखोरी के कारण सब्जियों के दाम बढ़ गये थे, लेकिन अब दूसरी लहर में तो दवाओं को भी स्टॉक किया जा रहा है। इस कारण कोरोना के मामलों में इस्तेमाल की जाने वाली कई दवाईयां कम उपलब्ध हो रही हैं और कुछ दवाईयां तो कई दवा दुकानों में मिल ही नहीं रही हैं। इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है संक्रमित मरीजों को। ना केवल दवाईयां बल्कि ऑक्सीजन सि​लिंडरों को भी स्टॉक करके रखा जा रहा है जिस कारण जरूरतमंद लाेगों को ऐन समय पर ऑक्सीजन की कमी हो रही है।
बेवजह किया जा रहा है दवाईयों को स्टॉक
महानगर के कई डॉक्टरों ने कहा कि लोग डर से दवाईयों की भी पैनिक बाइंग कर रहे हैं जिस कारण कुछ दवाईयों की कृत्रिम किल्लत हो रही है। सोशल मीडिया में ढूंंढकर लोग इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कई तरह की एंटीबायोटिक दवाईयां भी खरीदकर घर में रख रहे हैं जिन्हें फिलहाल कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इस कारण इन दवाईयों की भी मार्केट में किल्लत हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ते कोरोना मरीज तो कारण है हीं, लेकिन इससे भी बड़ा कारण है दवाईयों को स्टॉक करना जिस कारण कई मामलों में मरीजों को समय पर दवाईयां नहीं मिल पा रही हैं।
कई दवाईयों की कमी हो रही है मार्केट में
कोविड के मामलों में कुछ एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल किया जा रहा है जिनकी कमी देखी जा रही है। इनमें डॉक्सीसाइक्लाइन के अलावा रेमडेसिविर, टोसिलुजुमैब जैसी दवाईयों की काफी कमी हो रही है।
क्या कहते हैं डॉक्टर
धनवंतरि समूह के प्रमुख राजेंद्र खंडेलवाल ने कहा, ‘रोजाना सुबह से काफी फोन आते हैं कि कई तरह की दवाईयां मार्केट में उपलब्ध नहीं हैं या फिर काफी ढूंढने के बाद किसी तरह मिलती हैं। लोग काफी परेशान हैं, लेकिन जो लोग विभिन्न तरह की एंटीबायोटिक दवाईयों को बेवजह घर में खरीदकर रख रहे हैं, उन्हें ये सोचना चाहिये के इससे कोरोना संक्रमित मरीजों को दवाईयां मिलने में परेशानी हो रही है। केवल इतना ही नहीं बल्कि लोग दवाईयों को बांटने के लिए पैकेट भी बनवा रहे हैं। यहां तक कि लोग एक साथ 100 पीस थर्मामीटर भी एक साथ ले रहे हैं।’ वहीं फोर्टिस अस्पताल की पल्मोनरी विभाग की डायरेक्टर डॉ. सु​ष्मिता राय चौधरी ने कहा, ‘दो दवाईयों की काफी कमी है, रेमडेसिविर और टोसिलुजुमैब। इन दोनों दवाईयों की कमी का असर कॉरपोरेट और निजी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता पर भी पड़ रहा है। लोगों को ये दवाईयां मिलने में दो दिन या उससे अधिक लग जा रहे हैं जिस कारण संक्रमित मरीजों के इलाज में देरी हो रही है और उन्हें लम्बे समय तक अस्पताल में रहना पड़ रहा है।’

शेयर करें

मुख्य समाचार

आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

कोलकाताः आज सातवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। बता दें कि हर साल 21 जून को योग दिवस मनाया जाता है। साल 2015 आगे पढ़ें »

योग की शुरुआत करने वालों के लिए …

कोलकाताः दुनियाभर में हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। योग की उत्पत्ति हजारों साल पहले पहले की मानी जाती है। आगे पढ़ें »

ऊपर