मतगणना के दिन कोविड गाइड लाइन पार्टी दफ्तरों में

Fallback Image

पार्टी कार्यालयों को बंद करने को दायर की गई थी पीआईएल
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मतगणना के दिन सभी राजनीतिक दलों के कार्यालयों में भी कोविड 19 गाइड लाइन पर अमल करना पड़ेगा। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस अरिजीत बनर्जी के डिविजन बेंच ने शुक्रवार को यह आदेश दिया। मतगणना के दिन सभी राजनीतिक दलों के कार्यालयों को बंद करने का आदेश देने की अपील करते हुए दायर एक पीआईएल पर सुनवायी करने के बाद डिविजन बेंच ने यह आदेश दिया। इसमें यह आशंका जतायी गई थी कि विजय के बाद जोश में आए राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता कोविड गाइड लाइन की धज्जियां उड़ा देंगे।
डिविजन बेंच ने कहा कि समय बहुत कम है, क्योंकि दो मई को मतगणना होनी है, इसलिए यह मुमकिन नहीं है कि राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग बैठ कर इस मुद्दे पर एक गाइड लाइन तय करें। एडवोकेट जनरल किशोर दत्त ने कहा कि डिजेस्टर मैनेजनमेंट एक्ट 30 मई तक के लिए लागू कर दिया गया है और केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने इस सिलसिले में एक गाइड लाइन जारी की है। इसके तहत सामाजिक, राजनीतिक, खेल और मनोरंजन आदि के लिए लगने वाली भीड़ पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि अगर इस पर अमल किया जाए और शारीरिक दूरी का पालन किया जाए तो अपने आप राजनीतिक दलों के कार्यालयों में जमने वाली भीड़ छट जाएगी। इसका हवाला देते हुए डिविजन बेंच ने आदेश दिया कि सभी राजनीतिक दलों और आम लोगों को इस गाइड लाइन का अनुपालन करना पड़ेगा। इसके साथ ही निर्वाचन आयोग के एडवोकेट ने डिविजन बेंच को जानकारी दी कि पहले ही विजय जुलूस पर रोक लगा दी गई है। हालांकि एडवोकेट जनरल ने कहा कि फिलहाल सारे अफसर निर्वाचन आयोग के अधीन हैं। इसके जवाब में चीफ जस्टिस ने कहा कि शहरों और नगरों में कोविड गाइड लाइन पर अमल कराने का काम तो राज्य सरकार कर रही है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों के कार्यालय तो शहरों में ही है और यह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके अलावा चीफ जस्टिस ने कहा कि आम लोगों को भी इस गाइड लाइन पर अमल करना चाहिए।

शेयर करें

मुख्य समाचार

क्या रात में ब्रा पहन कर सोना चाहिए? जानें इस पर क्या है एक्सपर्ट की राय

कोलकाता : अक्सर महिलाएं इस बात को लेकर काफी परेशान रहती हैं कि क्या रात को ब्रा उतार कर सोना चाहिए या नहीं। जहां कुछ आगे पढ़ें »

लोकल ट्रेनें बंद : रेलवे हॉकरों के सामने एक बार फिर जीने-मरने का सवाल

कब रेलवे स्टेशनों पर होगी चमक, दुकानदार हैं इंतजार में सियालदह से 3 शाखाओं में ट्रेनों में हॉकरी करते हैं 37 हजार हॉकर हावड़ा/कोलकाता : आगे पढ़ें »

ऊपर