सितम्बर में हो सकते हैं निगम व 116 पालिकाओं के चुनाव

दुर्गापूजा से पहले चुनाव को लेकर तृणमूल में मंथन शुरू
भाजपा के लिये अग्निपरीक्षा
7 विधानसभा सीटों पर भी होंगे उपनिर्वाचन
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : इस साल के सितम्बर में राज्य में निगमों और पालिकाओं के चुनाव हो सकते हैं। कुछ इस तरह के संकेत मिल रहे हैं। समस्या एक ही है कि कहीं कोरोना की तीसरी लहर न आये। हम यहां बताते चलें कि बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को बड़ी जीत हासिल हुई है। वहीं भाजपा अपने टार्गेट को पूरा नहीं कर पायी। अब राजनीतिक पार्टियों की नजर केएमसी, हावड़ा, सिलीगुड़ी, आसनसोल निगम सहित 116 पालिका चुनावों पर टिकी हुई है। वहीं राज्य में 7 विधानसभा सीटों पर उपनिर्वाचन भी होंगे। तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर से अपनी जीत को दोहराना चाहती है तो भाजपा भी विधानसभा चुनाव परिणाम से सबक लेते हुए इस बार काेई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। सूत्रों की माने तो तृणमूल कांग्रेस दुर्गापुजा से पहले ही निकाय चुनाव कराना चाहती है। सूत्र बताते हैं कि तृणमूल के अंतर महौल में इसे लेकर मंथन भी शुरू हो गया है। इधर, आयोग सूत्रों की मानें तो राज्य में करीब 12 जिलों के कई निगम तथा 116 पालिकाओं में मतदान होना है। इसमें कुछ निगम व पालिकाओं की मियाद भी समाप्त हो चुकी है। ज्यादातर नगर निकायों में प्रशासक बैठाए जा चुके हैं। अब प्रशासकों की मियाद भी करीब-करीब पूरी होने को है। राज्य चुनाव आयोग राज्य सरकार की सलाह के अनुसार तारीख तय करेगा। राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, उन्होंने चुनाव के लिए आवश्यक तैयारी भी कर ली है।
अभी तक नवान्न से नहीं आया कोई संदेश
राज्य चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक नवान्न की ओर से कोई संदेश नहीं आया है। जैसे ही कोई सूचना आयेगी हमलोग अपनी तरफ से काम शुरू कर देंगे। हालांकि तैयारियों में ज्यादा समय नहीं लगेगा क्योंकि मुख्य काम पहले हो चुका है।
इन जगहों पर होने हैं नगर निकाय के चुनाव
केएमसी, हावड़ा नगर निगम के अलावा मेखलीगंज व हल्दीबाड़ी, अलीपुरदुआर, दालखोला, बालूरघाट, बहरमपुर,चाकदह व कृष्णानगर, पानीहाटी व हाबरा, डायमंड हार्बर, मिदनापुर व झाड़ग्राम बर्दवान व गुसकरा, दुबराजपुर नगरपालिकाव अन्य शामिल हैं।
क्यों पूजा से पहले चुनाव होना बेहतर
तृणमूल के शीर्ष नेतृत्व को लगता है कि पूजा से पहले सितंबर तक चुनाव पूरा कर लेना बेहतर होगा। राजनीतिक रूप से, जमीनी स्तर भी तृणमूल सोच रही है कि अब विधानसभा चुनाव के परिणामों पर मतदान करने का ‘अच्छा समय’ है। हालांकि यह सबकुछ कोरोना की स्थिति पर निर्भर करता है। जैसा कि कहा जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर आ सकता है। ऐसे में चुनाव अभी होगा या नहीं यह सितंबर तक की परिस्थिति पर निर्भर करता है। बता दें कि बंगाल में कोरोना के मामले पहले की तुलना में कमे है। तृणमूल के एक नेता के मुताबिक अगर सितंबर तक मतदान नहीं हुए तो दीवाली व छठ पूजा के पहले करना संभव नहीं होगा। एक अन्य नेता का यह भी कहना है कि वैक्सीनेशन प्रक्रिया संतोषजनक स्थिति तक पहुंचने के बाद ही चुनाव के बारे में सोचा जा सकता है।
इन 7 विधानसभा सीटों पर उपनिर्वाचन होंगे
भवानीपुर, शांतिपुर, दिनहाटा, खड़दह, शमशेरगंज, जंगीपुर व गोसाबा। इनमें से तीन विधानसभा सीटों पर निर्वाचित विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। जिन विधायकों ने इस्तीफा दिया है उनमें भाजपा के दो विधायक जगन्नाथ सरकार और निशीथ प्रमाणिक तथा तृणमूल से शोभनदेव चट्टोपाध्याय हैं। रानाघाट के सांसद जगन्नाथ सरकार ने शांतिपुर से विधानसभा चुनाव लड़ कर जीत हासिल की जबकि कूचबिहार के भाजपा सांसद निशीथ प्रमाणिक ने दिनहाटा से चुनाव लड़कर जीत हासिल की। भवानीपुर सीट को शोभनदेव ने खाली कर दिया है। खड़दह सीट पर भी उपचुनाव हाेगा। यहां तृणमूल की जीत हुई थी। नतीजा आने से पहले ही तृणमूल उम्मीदवार रहे काजल सिन्हा का निधन हो गया था। जंगीपुर विधानसभा सीट से आरएसपी उम्मीदवार प्रदीप कुमार नंदी और शमशेरगंज विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार रेजाउल हक की कोरोना संक्रमण से मौत हो गयी थी। 16 मई को मतदान होना था लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों काे देखते हुए उपचुनाव को टाल दिया गया। इसके अलावा गोसाबा से तृणमूल विधायक जयंत नस्कर की गत दिन मौत हो गयी।

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