दिलीप घोष को आयोग की नोटिस, कहा अपने बयान पर जवाब दें

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : भारतीय निर्वाचन चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रमुख दिलीप घोष से बुधवार यानी कि 14 अप्रैल सुबह 10 बजे तक अपने बयान को लेकर जवाब देना होगा। शीतलकुची में हुई घटना को लेकर उन्होंने विवादित बयान दिया था। इसी बयान पर नोटिस देते हुए चुनाव आयोग ने दिलीप घोष से स्पष्टीकरण मांगा है। चुनाव आयोग ने कूचबिहार के गोलीबारी की घटना पर विशेष नजर रखी है। दिलीप घोष ने कहा था कि, “बंगाल देशद्रोहियों का एक अड्डा हो गया है। बंगाल की स्थिति कश्मीर से भी बदतर है। इसके बाद ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने उनकी टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख दिलीप घोष के राज्य में राजनीतिक अभियान पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। चुनाव आयोग के साथ दर्ज शिकायत में, टीएमसी ने कहा था कि दिलीप घोष ने इस तरह की ‘हत्या’ को सही ठहराया और बंगाल और उसके लोगों को इस तरह के ‘हत्याओं’ की धमकी दी। दिलीप ने कहा कि लोगों ने देखा कि शीतलकुची में क्या हुआ, अगर कोई इसकी सीमा को पार करता है, तो शीतलकुची की घटना को बार-बार दोहराया जाएगा। तृणमूल ने कहा कि लाचार व निर्दोष लोगों की निर्ममतापूर्वक निर्मम हत्या में अर्द्धसैनिक बल की हिंसा के कृत्यों की निंदा करने की बजाय, दिलीप घोष ने सक्रिय रूप से कृत्यों की निंदा की है और वास्तव में पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावों में इसी तरह के हिंसा को प्रोत्साहित किया है। तृणमूल ने अपनी शिकायत में कहा कि इस, ” परिस्थितियों में, हम चुनाव आयोग से सबसे पहले दिलीप के बयान के बयान के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हैं। दिलीप घोष के खिलाफ, भड़काऊ बयान देने और मतदाताओं को खुले तौर पर धमकाने के लिए आपराधिक कार्यवाही सहित उचित सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू करें। साथ ही दिलीप घोष को शेष चरणों के चुनाव प्रचार के लिए रोकें।

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