आज से 2 दिन कंट्रोल रूम में ही रहेंगी मुख्यमंत्री

  • बोलीं, 20 जिलों में असर डालेगा यास
  • अंफान से भी बड़ी हो सकती है विपदा
  • लोगों से कहा: प्राकृतिक आपदा है सतर्क रहें

कोलकाता : बेहद खतरनाक रूप में बंगाल की तरफ बढ़ रहे चक्रवात यास से निपटने के लिए राज्य सरकार की ओर से समस्त व्यवस्था की गई है। ममता बनर्जी खुद सचिवालय में बने कंट्रोल रूम में 2 दिन रहने वाली हैं। इसकी जानकारी उन्होंने खुद दी और कहा कि पूरे राज्य की मॉनिटरिंग वो खुद 24 घंटे करेंगी। इतना ही नहीं कोलकाता नगर निगम, दमकल विभाग, बिजली विभाग के मंत्री भी अपने अपने कंट्रोल रूम में सजग रहेंगे और पल-पल की मॉनिटरिंग करेंगे। मुख्यमंत्री ने सोमवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यास तूफान अंफान से भी बड़ी विपदा हो सकता है क्योंकि उसकी स्पीड 185 किलोमीटर प्रति घंटे बताई जा रही है। इसके लिए हमें तैयार रहना पड़ेगा, सतर्क रहना पड़ेगा। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि वह अफवाहों पर ना जाएं घरों में रहे जरूरत ना पड़े तो बाहर ना निकलें, क्योंकि यह एक प्राकृतिक आपदा है कब किस पर यह आ जाएगी यह नहीं कहा जा सकता। इसलिए खुद की सावधानी बहुत जरूरी है, राज्य सरकार पूरी कोशिश करेगी कि इस विपदा से पूरी तरह निपटा जा सके।
20 जिलों में होगा असर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तूफान का असर राज्य के 20 जिलों में ही होगा। तटीय इलाकों में बसे जिलों में ज्यादा होगा, इसलिए वहां पर व्यवस्था भी तगड़ी की गई है। कोलकाता भी इसी श्रेणी में आता है, यहां पर भी यह तूफान तबाही मचाने वाला है, इसलिए कोलकाता को बचाने की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हावड़ा, हुगली आसपास के जिले हैं वहां पर भी भयंकर रूप देखने को मिलेगा। प्रशासन को सतर्क रहने के लिए कह दिया गया है। ममता ने कहा कि एक गंभीर समस्या है करीब 72 घंटे तक इस तूफान का असर रहेगा, इसलिए सभी को एकजुट रहकर समझदारी के साथ इसका सामना करने की जरूरत है। उत्तर बंगाल के जिले को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि वहां बारिश होगी अर्थात एक तरफ तूफान और दूसरी तरफ बारिश तो चैलेंज राज्य सरकार के पास है इस बार जिसे वह पूरा करेगा।
10 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाया गया
मुख्यमंत्री ने बताया कि तटीय इलाकों में रहने वाले करीब 10 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले आया गया है। उसके लिए 4000 रिलीफ सेंटर तैयार किया गया है। 400 साइक्लोन सेंटर तैयार किया गया है। 91 आपदा प्रबंधन विभाग की रेस्क्यू टीम को स्टैंडबाई पर रखा गया है। जिला प्रशासन को भी सतर्क रहने के लिए कह दिया गया है।
तूफान के बाद परिस्थिति संभालने के लिए इनसे की अपील
मुख्यमंत्री ने राज्य के सामाजिक संगठन, क्लब, एनजीओ, पूजा कमेटी से अपील की है कि तूफान के बाद स्थितियों को संभालने में अपना हाथ बढ़ाएं। साथ ही यह भी कहा कि पिछली बार की तरह इस बार भी संभव है कि कई जगह पर विद्युत पर सेवा ना पहुंच पाए। इसलिए उस पर भी पूरा ध्यान रखा जाए, हालांकि ऐसी कोई समस्या ना आए उसके लिए पहले से ही 10000 की टीम तैयार की गई है। टेलीकॉम समस्या ना हो उसके लिए 450 लोगों की टीम तैयार है।

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