इको पार्क में मां-बाप के सामने बच्चे की तालाब में डूबने से मौत

Echo park

कोलकाता :  न्यू टाउन के इको पार्क में शनिवार को तालाब में डूबने से एक 4 वर्षीय बच्चे की मौत हो गयी। घटना चिल्ड्रन पार्क में घटी। मृतक का नाम शेख अबेज (4) है। वह नारकेलडांगा के तालतल्ला का रहनेवाला था। जानकारी के अनुसार शनिवार की दोपहर शेख अबेज अपने परिवार के सदस्यों के साथ इको पार्क में  घूमने के लिए आया था। चिल्ड्रन पार्क के अंदर जब बच्चे के परिजन बातचीत कर रहे थे तभी अचानक अबेज गायब हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी अबेज का पता नहीं चलने पर परिजनों ने पुलिस व इको पार्क प्रबंधन से शिकायत की। प्रबंधन द्वारा सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगालने पर भी बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। अंत में पुलिस की ओर से तालाब में गोताखोरों को उतारा गया। काफी खोजबीन के बाद बच्चे को तालाब से बरामद किया गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर,  घटना के बाद से परिजनों ने बच्चे की मौत के लिए इको पार्क प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि चिल्ड्रन पार्क में स्थित तालाब के पास अगर कोई सुरक्षा कर्मी होता तो आज यह घटना नहीं घटती। लोगों ने कहा कि तालाब में काई अधिक होने के कारण वह हरे रंग का हो गया था, शायद बच्चे को तालाब समझ में नहीं आया होगा।

लोगोंं का आरोप सुरक्षाकर्मी नहीं थे मौजूद

इको पार्क के चिल्ड्रन पार्क में स्थित तालाब में डूबने से हुई बच्चे की मौत की घटना ने वहां के सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चे के परिजनों ने पार्क प्रबंधन पर सुरक्षा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि पार्क प्रबंधन को पता रहता है कि रोजाना उस पार्क में सैकड़ों लोग अपने बच्चे को लेकर आते हैं। ऐसे में पार्क में मौजूद तालाब के फेंसिंग क्यों नही की गयी। परिजनों का कहना है कि पार्क में आने वाले छोटे बच्चे कई बार खेलने के लिए दौड़ते है। अचानक उन्हें पकड़ना किसी के लिए मुमकीन नहीं है। तालाब काफी करीब होने के कारण हर वक्त दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। ऐसे में पार्क प्रबंधन की ओर से वहां पर फेंसिंग अथवा सुरक्षा कर्मियों को तैनात रखना चाहिए था।


बच्चे के लेकर सतर्क रहना चाहिए माता पिता को

वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस घटना में बच्चे के परिजन और पार्क में मौजूद लोगों की लापरवाही भी सामने आयी है।  पुलिस से अनुसार जब दंपति अपने साथ छोटे बच्चे को लेकर पार्क आए थे तो उन्हें पता था कि पार्क में तालाब है। ऐसे में उन्हें बच्चे के मुवमेंट को लेकर सतर्क रहना चाहिए था। दुर्भाग्यवश घटना के समय परिजनों का ध्यान कहीं और चला गया होगा। बाद में जब बच्चे को गायब पाया तो वे समझ नहीं पाए की बच्चा गया किस तरफ है। काफी हो-हल्ला के बाद पार्क प्रबंधन ने पार्क के अंदर और बाहर बच्चे की खोज खबर ली।

पिछले साल भी एक व्यत्ति की हुई थी मौत

अंत तक कोई सुराग नहीं मिलने पर गोताखोरो को तालाब में उतारा गया और उसी के अदंर से बच्चे का शव बरामद किया गया। यहां हम बताते चलें कि यह पहली बार नहीं है जब इको पार्क के सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले पिछले साल इको पार्क के अंदर स्थित तालाब में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी। उक्त व्यक्ति बाहरी था और नहाने के लिए पार्क में घुसा था। बाद में उसका शव तालाब के पानी में तैरता हुआ पाया गया था। उस घटना के बाद इको पार्क में सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे के जरिए निगरानी बढ़ायी गयी थी। हालांकि एक साल बाद स्थिति ‘ढाक के तीन पात’ की तरह बनी हुई है। इस घटना के कारण प्रबंधन भी काफी दुखी है तथा मालमे की जांच का आदेश दे दिया गया है।

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