टीचर नियुक्ति घोटाले की जांच करेगी सीबीआई की सिट

हाई कोर्ट के जस्टिस गंगोपाध्याय ने दिया आदेश
उपेन विश्वास ने खुलासा किया ‘रंजन’ का असली नाम
कुछ सप्ताह में होगा चौंकाने वाला खुलासा
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : प्राइमरी टीचरों की नियुक्ति में हुए घोटाले की जांच करने के लिए सीबीआई अफसरों की एक स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (सिट) बनायी जाएगी। सीबीआई के पूर्व अतिरिक्त निदेशक व पूर्व मंत्री उपेंद्र (उपेन) नाथ विश्वास बुधवार को कोर्ट में हाजिर हुए और अपना सुझाव दिया। उन्होंने अपने काल्पनिक चरित्र ‘रंजन’ के नाम का भी खुलासा किया। इसकी जांच भी सीबीआई की सिट करेगी।
यहां गौरतलब है कि उपेने विश्वास ने अपने फेस बुक में एक पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि ‘रंजन’ एक बेहद इमानदार आदमी है और इमानदारी के साथ पैसे ले कर सरकारी स्कूलों में नौकरी दिलाता है। इस पोस्ट को लेकर एक रिट दायर हुई और जस्टिस गंगोपाध्याय ने इस मामले में उपेन विश्वास को पार्टी बनाने और उन्हें कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का आदेश दिया था। कोर्ट में सुझाव देते हुए उन्होंने ‘रंजन’ के असली नाम का खुलासा करते हुए बताया कि उसका नाम चंदन मंडल है। जस्टिस गंगोपाध्याय ने आदेश दिया है कि इन मामलों की जांच करने के लिए सीबीआई के अफसरों की एक सिट बनायी जाएगी। कोर्ट अब औपचारिक रूप से इन मामलों की जांच की मॉनिटरिंग करेगी। इन अफसरों के नाम की सूची शुक्रवार को जस्टिस गंगोपाध्याय को सौंपी जाएगी। सीबीआई के कोलकाता ऑफिस के संयुक्त निदेशक इस टीम का नेतृत्व करेंगे। इसके लिए उपनिदेशक को व्यक्तिगत रूप से ‌जिम्मेदार ठहराया जाएगा। जांच पूरी नहीं होने तक इस टीम के अफसरों और संयुक्त निदेशक का तबादला नहीं किया जा सकेगा। एक निश्चित अंतराल के बाद जांच की प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में जमा करनी पड़ेगी। सीबीआई के एडवोकेट बिल्लादल भट्टाचार्या ने इसमें पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। जस्टिस गंगोपाध्याय ने अब तक की सीबीआई जांच पर नाखुशी जतायी तो एडवोकेट बिल्लादल भट्टाचार्या ने कहा कि आने वाले सप्ताहों में चौंकाने वाला खुलासा होने की उम्मीद है। जस्टिस गंगोपाध्याय ने कहा कि उन्हें बस इतनी भर उम्मीद है कि सीबीआई इन मामलों की जांच संजीदगी से करे। उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं चाहता हूं कि इसका हश्र भी सारधा की तरह हो जाए। सीबीआई ने अब तक हुई जांच की एक रिपोर्ट भी कोर्ट को सौंपी। उपेन विश्वास ने कोर्ट से कहा कि यह सिट पूरी तरह स्कूलों की नियुक्ति घोटाले की जांच करे। उन्होंने कोर्ट मॉनिटरिंग का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे में तो प्रधानमंत्री भी इसमें दखल नहीं दे सकते हैं। जस्टिस गंगोपाध्याय ने एडवोकेट भट्टाचार्या को आदेश‌ दिया कि वे 17 जून को अफसरों की सूची कोर्ट में सौंपे और उसी दिन इस बाबत औपचारिक आदेश दिया जाएगा। प्राइमरी स्कूल बोर्ड की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट एल के गुप्ता ने एक रिपोर्ट सौंपी। इसके साथ ही कहा कि जब कोर्ट ने मन बना लिया है तो इस बाबत आगे पैरवी करने की गुंजाइश नहीं रह जाती है। यहां गौरतलब है कि इस मामले में 269 आवेदकों को एक-एक नंबर अतिरिक्त देकर टीचर पद पर नियुक्ति कर दी गई थी। इसके लिए सार्वजनिक विज्ञापन या विज्ञप्ति नहीं जारी की गई थी।

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