सावधान ! राज्य में डबल के बाद अब कोरोना के ट्रिपल म्यूटेंट ने दे दी दस्तक

पहले से ज्यादा खतरनाक यह वेरिएंट इम्यून सिस्टम को बेअसर कर शरीर पर प्रभावी हो जाता है
कोरोना के दो अलग-अलग स्ट्रेन मिलने से यह डबल म्यूटेशन वाले वेरिएंट के साथ मरीजों में दिखे थे, अब ट्रिपल म्यूटेशन वेरिएंट में कोराना के तीन स्ट्रेन एक साथ मिल गये हैं
संक्रमित व्यक्ति से अधिकतम 15 मीटर तक और न्यूनतम दो मीटर की दूरी अनिवार्य
सिलीगुड़ीः कोरोना के डबल म्यूटेंट के बाद अब ट्रिपल म्यूटेंट ने सिलीगुड़ी में दस्तक दे दी है। पहले से ज्यादा खतरनाक यह वेरिएंट शरीर में कोरोना के खिलाफ प्राकृतिक तौर पर तैयार इम्यून सिस्टम को सीधे बेअसर कर शरीर पर प्रभावी होने की क्षमता रखता है। बताया जाता है कि पहले कोरोना के एक म्यूटेशन वाला वेरिएंट मिला था और वह कम घातक था। इसके बावजूद उसने देश और दुनिया में तबाही मचायी थी। उसके बाद कोरोना के दो अलग-अलग स्ट्रेन मिलने से यह डबल म्यूटेशन वाले वेरिएंट के साथ मरीजों में दिखा। अभी इस पहेली को डाक्टर जांच लैब सुलझा ही रहे थे कि अब ट्रिपल म्यूटेशन वेरिएंट में कोराना के तीन स्ट्रेन एक साथ मिल गये हैं।
उत्तर बंगाल मेडिकल कालेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग के प्रधान डाक्टर अरुणाभ सरकार ने राज्य के अन्य हिस्सों के साथ-साथ सिलीगुड़ी में भी कोरोना के ट्रिपल म्यूटेशन वेरिएंट के मिलने की बात स्वीकारी। उन्होंने बताया कि ट्रिपल म्यूटेशन वेरिएंट पहले से ज्यादा खतरनाक और मारक है। उन्होंने बताया‌ कि यह वेरिएंट सीधे तौर पर शरीर पर हावी होने की क्षमता रखता है। शरीर में कोरोना के खिलाफ तैयार इम्यून सिस्टम को यह पूरी तरह से बेअसर कर देता है। इसके मारक असर से फेफड़े और मस्तिष्क पर बुरा असर पड़ता है।
उन्होंने बताया कि इस वायरस के जीनोम की सिक्वेंसिंग पर अभी पूरे देश में काम चल रहा है। इसके साथ ही इसकी सटीक मारक क्षमता पर भी शोध जारी है। इसी बीच यह कोरोना का यह नया रूप बंगाल के अन्य हिस्सों में भी तबाही मचा रहा है।
वैक्सीन कितना कारगरः ट्रिपल म्यूटेशन के तीन में से 2 स्ट्रेन ऐसे हैं जो घातक साबित हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक वैक्सीन का इस वेरिएंट पर असर होगा या नहीं, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नए वेरिएंट में शरीर के अंदर प्राकृतिक तौर कोरोना के खिलाफ बनी इम्यूनिटी को बेअसर करने की क्षमता है।
बचाव के लिए न्यूनतम क्या करेंः डाक्टर अरुणाभ सरकार ने बताया कि वर्तमान हालात में मास्क पहनने, बार-बार हाथ धोने और खांसते या छींकते वक्त हाथों की बजाय बाजू का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है ताकि वायरस को आपके हाथों से होकर चेहरे और उसके बाद शारीरिक अंगों तक पहुंचने से रोका जा सके।
संक्रमित व्यक्ति से रहें दूरः उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस बुखार फैलाने वाले संक्रामक तत्वों की तरह हवा में नहीं ठहरते हैं। ऐसे में अगर आप किसी संक्रमित व्यक्ति के काफी करीब हैं तो आप इस वायरस से निश्चित तौर पर संक्रमित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ्य लोगों को संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखना चाहिए। इसी तरह जिन लोगों में संक्रमण पाये गये हैं और उन्हें क्वारंटीन में रखा गया है उन्हें भी एक निश्चित अवधि तक किसी स्वस्‍थ्य व्यक्ति के संपर्क में नही आने की सलाह दी गयी।
संक्रमित व्यक्ति के काफी करीब रहने का आशय संक्रमित व्यक्ति से अधिकतम 15 मीटर तक और न्यूनतम दो मीटर की दूरी में रहने से है।
बस और ट्रेन सहित पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बने वाहकः ऐसे में बस या ट्रेन में सफर करने से वायरस की चपेट में आने का खतरा कितना है, ये इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी बस या ट्रेन कितनी भरी हुई है और उसमें संक्रमित व्यक्ति भी सफर कर रहे हैं या नहीं। अगर यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की बात की जाए तो संदिग्ध रूप से संक्रमित लोगों और चीजों से दूरी बनाना अहम है। डाक्टरों ने बताया कि ऐसे वक्त में ट्रेन नहीं पकड़नी चाहिए जब ट्रेन में भीड़ सबसे ज्यादा होती है। लोगों को ऐसे ट्रांसपोर्ट को चुनना चाहिए जो कि उन्हें सीधे उनके घर तक पहुंचाते हों।

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