व्यवसायियों ने कहा, पाबंदियां जरूरी, मगर ना थमे अर्थव्यवस्था का चक्का

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोरोना की तीसरी लहर अब दस्तक दे रही है, मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। केवल कोलकाता में ही कोविड पॉजिटिविटी रेट 12.5% पर पहुंच चुकी है। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से 3 जनवरी के बाद से कुछ पाबंदियां पुनः लागू करने की बात कही गयी है जिस कारण सबके मन में सवाल है कि क्या एक बार फिर राज्य लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा है। अगर लॉकडाउन फिर से हुआ तो फिर अर्थव्यवस्था का क्या होगा ? विशेषकर छोटे व मझौले व्यवसायी जो दो बार लॉकडान की मार झेल चुके हैं, अब क्या तीसरी बार लॉकडाउन का दंश झेल सकेंगे ? इस संबंध में सन्मार्ग ने एशिया के वृहत्तम व्यावसायिक हब बड़ाबाजार के कई व्यवसायियों से बात की जिनका कहना है कि पाबंदियां तो जरूरी हैं मगर सरकार को यह भी देखना होगा कि अब तीसरी बार अर्थव्यवस्था का चक्का ना थमे। अगर ऐसा हुआ तो फिर पूरी तरह हमारी कमर टूट जाएगी।
सबसे बड़ी मार पड़ती है व्यवसाय पर
चेम्बर ऑफ टेक्सटाइल, ट्रेड एण्ड इण्डस्ट्री (कोट्टी) के अध्यक्ष अरुण भुवालका ने सन्मार्ग से कहा, ‘सरकार को तुरंत नये साल के जश्न पर कोई रूपरेखा तय कर निर्णय लेना चाहिये। जब भी पाबंदी या फिर लॉकडाउन होता है तो सबसे बड़ी मार व्यवसाय पर ही पड़ती है। मार्च 2020 से ही अर्थव्यवस्था लगातार उतार-चढ़ाव से गुजर रही है। पिछले 2-4 महीने से व्यवसायी संभलने की कोशिश ही कर रहे थे कि अब कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन के रूप में आ खड़ा हो गया। कम से कम ये अच्छा हुआ कि दुर्गा पूजा ठीक से बीत गयी नहीं तो फिर व्यवसायियों पर बड़ी गाज गिरती।’
पाबंदी के साथ चले व्यवसाय भी
कनफेडरेशन ऑफ वेस्ट बंगाल ट्रेड एसोसिएशन (सीडब्ल्यूबीटीए) के प्रेसिडेंट सुशील पोद्दार ने कहा, ‘सरकार से यही उम्मीद है कि पूरी तरह पाबंदी ना लगायी जाए और कुछ पाबंदियों के साथ व्यवसाय भी चले। पहली बार के लॉकडाउन से अधिक क्षति दूसरे बार के लॉकडाउन में हुई थी। अब अगर तीसरी बार भी लॉकडाउन हुआ तो फिर अर्थव्यवस्था काफी पीछे चली जाएगी। पाबंदी ऐसी हो कि व्यवसाय भी चले और लोगों का स्वास्थ्य भी ठीक रहे। नाइट कर्फ्यू लागू हो सकता है, लेकिन दिन में व्यवसाय को क्षति ना पहुंचे। हम अपने सदस्यों को भी सर्कुलर दे चुके हैं कि सुरक्षा के साथ व्यवसाय करें और बगैर मास्क किसी को आने की अनुमति ना दें।’
कोविड के लिए सरकार का हर आदेश सर्वोप​रि
सेंट्रल कलकत्ता साड़ी डीलर्स मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकाश पोद्दार ने कहा, ‘अर्थव्यवस्था यूंं ही काफी पीछे चली गयी है। माल तो खत्म हो ही रहा है, अब बस जान सुरक्षित रहे। कोविड की रोकथाम के लिए सरकार का हर आदेश सर्वोपरि है।’
सब कुछ देखकर कोई निर्णय ले सरकार
ट्रेड फेडरेशन के महासचिव राकेश सराफ ने बताया, ‘सरकार सब कुछ देखकर कोई निर्णय ले और कुछ ऐसा करे कि सरकार भी चले और पाबंदियां भी लागू हों। व्यवसायियों के पेट में खाना जाएगा तो स्टाफ के पेट में भी जायेगा। बड़ाबाजार में अधिकतर दिहाड़ी मजदूर काम करते हैं, अगर फिर लॉकडाउन होता है तो फिर सबकी मुश्किलें बढ़ जाएंगी।’

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