‘आफत’ के आने के पहले आशियाना बदल रहे हैं लोग

अपना बड़ाबाजार
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : चक्रवात ‘यास’ अपनी गति बढ़ाते हुए तेजी से ‘आफत’ बनकर आ रहा है। इसका खतरा ताे सब भांप रहे हैं, लेकिन बड़ाबाजार में रहने वाले लोग तो इस ‘आफत’ को भांपते हुए अपना आशियाना भी बदल रहे हैं। बड़ाबाजार में हजारों ऐसे पुराने मकान हैं जिनकी स्थिति अत्यंत खराब है और कब इन मकानों का कौन सा हिस्सा ढह जाए, यह कोई नहीं जानता। हालांकि इसके बावजूद इन मकानों में लोग रहते हैं, लेकिन यास के डर से बड़ाबाजार के लाेग अपना आशियाना बदल रहे हैं।
कोई जाएगा धर्मशाला में तो कोई रिश्तेदार के घर
सन्मार्ग की टीम बड़ाबाजार के 107 नं. कॉटन स्ट्रीट में पहुंची जहां एक मकान की हालत काफी बुरी थी। यहां लगभग 35 लोग रहते हैं। यहां रहने वाले लोग यास के आने से पहले धर्मशाला में चले जाएंगे। वहीं कुछ लोग पहले से ही अपने रिश्तेदार के यहां चले गये हैं। यहां रहने वाले विनय यादव, बैजनाथ यादव, चुन्नी लाल यादव और संजीव यादव ने बताया ​कि तूफान के गुजरने तक वे लोग पंजाब सेवा समिति में ठहरेंगे। यहां रहने वाले राजीव सोनकर ने कहा, ‘पिछले वर्ष जब अम्फान आया था तो उस समय इसी मकान में था। वह अनुभव कभी नहीं भूल पाऊंगा, अम्फान में काफी डर लग रहा था, इस बार ऐसा जोखिम नहीं उठाऊंगा।’
इस बार कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते लोग
44 स्ट्रैंड रोड पर एक मकान में लगभग 50 लोग रहते हैं। इस मकान में मरम्मत का काम हो रहा था, लेकिन लॉकडाउन के कारण वह बंद हो गया है। इधर, मकान के हाल के बारे में बतायें तो मकान के अंदर बरामदे का कुछ हिस्सा टूट चुका है। इसके अलावा एक स्थान पर बरामदे को लकड़ी से तैयार किया गया है। मकान में पुराने समय वाली सीढ़ियां हैं और लाइट नहीं होने के कारण दिन में भी यहां अंधेरा रहता है। यहां रहने वाली सुमन देवी सोनकर ने कहा, ‘तूफान के गुजरने तक हम धर्मशाला में रहेंगे। मेरे घर में कुल 10 सदस्य हैं, ऐसे में किसी तरह का जोखिम नहीं ले सकती।’ इसी तरह विक्की सोनकर ने कहा, ‘थाने की ओर से हमें घर खाली करने के लिए कहा गया है और स्कूल में जाने के लिए कहा गया है। यहां का बरामदा गिर जाने के कारण 3 लोग घायल हो गये थे। हम 3 लोग हैं और हम धर्मशाला में चले जाएंगे।’ यहां रहने वाली नीतू सोनकर ने कहा, ‘अम्फान के समय मैं मायके चली गयी थी। यहां थाने की ओर से केवल घर खाली करने को कह दिया गया है, लेकिन हमें कहां रहना है, इस पर कुछ नहीं कहा गया है।’ बरामदे का हिस्सा टूटने के कारण लक्ष्मी सोनकर घायल हो गयी थीं। उन्होंने कहा, ‘उस हादसे में मेरे भसुर पैरालाइसिस से ग्रस्त हो गये हैं। मकान की मरम्मत का काम चालू हुआ था, लेकिन लॉकडाउन के कारण बंद हो गया। मेरे घर में 6 लोग हैं, हम सब यहां से किसी धर्मशाला में शिफ्ट हो जाएंगे।’
ये निभा रहे हैं सक्रिय भूमिका
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और समाजसेवा महेश शर्मा लोगों को ​शिफ्ट कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पंजाब सेवा समिति, बाबूलाल अग्रवाल धर्मशाला और भोतिका धर्मशाला मेंमहेश शर्मा लोगों को शिफ्ट करा रहे हैं। वार्ड नं. 42 में 300 लोगों को शिफ्ट कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 27 तारीख को लोगों को पुनः उनके घर लौटाया जाएगा। इस बीच, उनके खाने – पीने और रहने की पूरी व्यवस्था धर्मशाला में की जाएगी।

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