बीएसएफ के 2 अधिकारियों को पुलिस मेडल

कोलकाता : गणतंत्र दिवस के अवसर पर दक्षिण बंगाल फ्रंटियर, सीमा सुरक्षा के 2 अधिकारियों को राष्ट्र की सेवाओं मे अपने उत्कृष्ठ योगदान हेतु सम्मानित किया गया है। इनमें अजीत कुमार टेटे, डीआईजी/ पीएसओ दक्षिण बंगाल फ्रंटियर कोलकाता को प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सुरजीत सिंह गुलेरिया डीआईजी दक्षिण बंगाल फ्रंटियर को वीरता के लिए 72 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अजीत कुमार टेटे, डीआईजी को सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य के लिए सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया है। वह वर्ष 1987 में बीएसएफ में सहायक कमांडेंट के रूप में शामिल हुए। अधिकारी ने बीएसएफ में अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के लिए विभिन्न क्षमताओं में प्रतिष्ठित पद धारण किए हैं, जिसमें कश्मीर घाटी में आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई, उत्तर पूर्व क्षेत्रों में तैनाती, भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनाती और दिल्ली में बीएसएफ मुख्यालय में स्टाफ अधिकारी के रूप में शामिल हैं। अजीत कुमार टेटे, डीआईजी बोस्निया और हर्जेगोविना में यूनाइटेड नेशन की पुलिस में और बीएसएफ के प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र टीसी एंड एस हजारीबाग में प्रतिनियुक्ति पर रहे हैं।
2011 में अजीत कुमार टेटे, डीआईजी को मेधावी सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया।सुरजीत सिंह गुलेरिया, डीआईजी को 2017 में कश्मीर (श्रीनगर) में उनके विशिष्ट वीरतापूर्ण कार्य और साहस के लिए पुलिस वीरता पदक से अलंकृत किया गया है। 4 अक्टूबर 2017 को 3.45 बजे जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) समूह के चार आतंकवादी ने श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास 182 बटालियन बी.एस.एफ के मुख्यालय पर हमला कर दिया था। आतंकवादियों द्वारा हथगोले फेंके जाने के बाद, सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच एक अंधाधुंध गोलाबारी शुरू हो गई। सुरजीत सिंह गुलेरिया, डीआईजी (कश्मीर फ्रंटियर) ने हरिलाल डीआईजी (ऑप्स ) के साथ मिलकर ऑपरेशन का नेतृत्व किया। रुक-रुक कर गोलाबारी के दौरान सभी आतंकवादी मारे गए। इस आप्रेशन के दौरान बीएसएफ का एक सहायक उप-निरीक्षक शहीद हो गए और 4 जवान घायल हो गए। सुरजीत सिंह गुलेरिया, डीआईजी द्वारा आतंकवादी के विरूद्ध किए गए साहसिक मुठभेड़, अनुकरणीय नेतृत्व और कर्तव्य के प्रति प्रदर्शित समर्पण की भावना को सरहाते हुए उन्हे भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित वीरता हेतु पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। सुरजीत सिंह गुलेरिया अक्टूबर 1987 में सहायक कमांडेंट के रूप में सीमा सुरक्षा बल में शामिल हुए। अब, वह फ्रंटियर हेडक्वार्टर दक्षिण बंगाल में डीआईजी के रूप में सेवारत हैं। अपने 33 वर्षों के लंबे कार्यकाल के दौरान, उन्होंने लगभग सभी प्रकार के इलाकों में सेवा की।

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