अब मास्टर मोशाय के बेटे ने किया भाजपा का रुख

रवींद्रनाथ भट्टाचार्य ने कहा : बेटा चाहे तो जा सकता है, जरूरी नहीं बाप भी साथ जाये
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस में अपनी धाक रखने वाले अधिकारी परिवार में फूट पड़ चुकी है। पार्टी के धाकड़ नेता शुभेन्दु और उनके भाई ने पार्टी छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया है जो कहीं न कहीं तृणमूल के लिए बड़ा झटका तो माना ही जा रहा है। कहना गलत न होगा कि बागी हो चुके कुछ नेताओं का पार्टी से पलायन लगातार जारी है जिसमें अगला नाम सिंगुर के मास्टर मोशाय रवींद्रनाथ भट्टाचार्य के बेटे तुषार भट्टाचार्य का है। जानकारी के अनुसार तुषार जल्द ही भाजपा का झण्डा थामने वाले हैं। इतना ही नहीं अपने पिता को भी वह भाजपा में साथ जाने के लिए कहेंगे। इस विषय पर तुषार का कहना है कि शुभेन्दु अधिकारी के साथ उनकी बात हो चुकी है। वह जिस दिन सिंगुर में राजनीतिक सभा करने आयेंगे उसी दिन भाजपा में उनकी एंट्री होगी। उन्होंने पूरी उम्मीद जतायी है कि पिताजी भी तृणमूल का दामन छोड़ भाजपा में जायें। उधर शुभेंदु ने भी अपने भाषण के दौरान तुषार से भाजपा में शामिल होने की बात का जिक्र किया था। हालांकि मास्टर मोशाय ने इन बातों को तवज्जो न देते हुए कहा कि बेटा अगर पार्टी बदलता है तो जरूरी नहीं कि बाप भी उसके पीछे-पीछे जाये। वह जाना चाहता है तो बेशक जा सकता है, मुझे इसमें कहीं कोई आपत्ति नहीं है।
यहां हम बताते चले कि सिंगुर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मास्टर मोशाय की भी पार्टी के साथ लंबी नाराजगी चल रही है। कुछ दिन पहले ही हरिपाल के विधायक बेचाराम मन्ना के साथ उनका वाकयुद्ध इतना तेज हुआ था कि ममता बनर्जी को उनसे बात करनी पड़ी थी। रवींद्रनाथ की नाराजगी देखने के बाद ही अटकलें लगायी जा रही थीं कि वह संभवत: भाजपा की ओर रुख कर सकते हैं। अब देखने वाली बात होगी कि अधिकारी के बाद मास्टर मोशाय भी भाजपा की राह चलते हैं या उनकी आस्था अभी भी अपनी पार्टी यानी तृणमूल पर बनी हुई है।

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