बंगाल के विभाजन के पक्ष में नहीं है भाजपा : दिलीप घोष

रायगंजः आजादी के बाद से ही उत्तर बंगाल के नागरिक अवहेलित रहे हैं। उत्तर बंगाल के जिलों में जिस परिमाण में विकास होना चाहिए था राज्य सरकार उसे करने में विफल रही है। सांसद सह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने रविवार को रायगंज में सांगठनिक बैठक के पूर्व पत्रकारों से बातचीत में यह मंतव्य व्यक्त‌ किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यहां की जनता से किये वायदों को पूरा करने में पूरी तरह से कोताही बरती।
चिकित्सा से शिक्षा और व्यापार-वाणिज्य तक उत्तर बंगाल में ठप हो गया है। उन्होंने कहा कि एक वक्त पाकिस्तान के आक्रमण से बचने के लिए पूर्व पाकिस्तान वर्तमान बंगलादेश अलग हो गया था ठीक उसी तरह राज्य सरकार के कुशासन और लगातार हो रही हत्याओं को देखते हुए यहां के नागरिक अब पृथक राज्य की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रदेश भाजपा बंगाल के विभाजन के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी तरह के विभाजन के बिना भी बंगाल के हर क्षेत्र का विकास किया जा सकता है।
दिलीप घोष ने कहा कि चुनाव के पूर्व भाजपा उत्तर बंगाल के विकास के लिए एक खाका तैयार कर जनता के बीच गयी थी। काफी लोगों ने भाजपा को अपना आशीर्वाद दिया और उत्तर बंगाल में भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन भी किया लेकिन राज्य में सरकार बनाने में हम पिछड़ गये।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार उत्तर बंगाल के विकास के लिए कभी चिंतित नहीं रही। इसका बड़ा उदाहरण रायगंज में प्रस्तावित एम्स का नदिया जिले के कल्याणी में स्‍थानांतरित हो जाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से लोगों को जो आशा और प्रत्याशाएं हैं सरकार उसे रत्ती भर भी पूरा नहीं कर रही है। इसे देखकर ही लोगों में हताशा है और वे पृथक राज्य की मांग करने लगे हैं।
वहीं दिलीप घोष का अलग राज्य की मांग को समर्थन नहीं करने के बयान के साथ साथ उत्तर बंगाल की तुलना पूर्व पाकिस्तान से किये जाने को लेकर राजनीतिक पारा गर्म हो गया है।

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