3 सीटों पर जमानत जब्त होने के बाद भाजपा ने रोया हिंसा का रोना

कोलकाता : मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने उपचुनाव में 4 सीटों में हुई हार व 3 सीटों पर जमानत भी नहीं बचा पाने को लेकर हिंसा का रोना ही रोया। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए दिलीप घोष ने कहा, ‘यहां चुनाव नहीं होता, ये बात समझ में आ गयी है। गोसाबा में उम्मीदवार को कोई नहीं जानता, लेकिन उन्हें शोभनदेव चट्टोपाध्याय जैसे लोकप्रिय उम्मीदवार से भी अधिक वोट मिले हैं, इसी प्रकार पश्चिम बंगाल में चुनाव होता है। बंगाल में कोई और नहीं जीत सकता, आगामी दिनों में पश्चिम बंगाल में चीन जैसी परिस्थिति होगी। एक ही उम्मीदवार रहेगा, उसी को सभी वोट देंगे।’ दिलीप घोष ने कहा कि दिनहाटा व गोसाबा में प्रचार भी नहीं करने दिया गया। निशीथ प्रमाणिक के केंद्र में भाजपा के हारने पर दिलीप घोष ने कहा, ‘निशीथ प्रमाणिक का बूथ बंगाल के बाहर नहीं है, निशीथ जाकर बूथ पर पहरा नहीं दे रहे थे। इस तरह मेरे बूथ पर चुनाव होने पर भी मुझे कम वोट मिलता।’ वहीं निगम व पालिका चुनाव दिसम्बर में होने की चर्चा पर उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी समय चुनाव में लड़ने के लिए तैयार है। पूजा के समय हम चुनाव नहीं चाहते थे, भवानीपुर में भी हम चुनाव नहीं चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में माकपा को तृणमूल बढ़ावा दे रही है। इस दौरान भाजपा प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि हम तृणमूल के सामने प्रतिरोध नहीं कर पाये। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. सुकांत मजूमदार ने भी हिंसा का जिक्र किया और कहा कि इसे चुनाव कहते हैं ? क्या चुनाव हुआ, ये सबको पता है। इसमें निराश होने जैसा कुछ नहीं है, आगे लड़ाई जारी रहेगी।

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