दुर्गापूजा से पहले नये कलेवर में सजेगा बंगाल का होम स्टे

 नजर होम स्टे पर
80% होम स्टे उत्तर बंगाल में हैं, 20% दक्षिण बंगाल में
इन जगहों पर हैं होम स्टे
कलिम्पोंग
दार्जिलिंग
कर्सियांग
जलपाईगुड़ी
अलीपुरदुआर का डुआर्स
बांकुड़ा
पुरुलिया
हुगली
बंगाल में होम स्टे की संख्या : 5500 के करीब
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बंगाल के टूरिज्म सेक्टर में होम स्टे को आने वाले समय में अधिक से अधिक बढ़ावा देने पर काम किया जा रहा है। मौजूदा समय में होम स्टे पूरे देश में बंगाल को चौथे नंबर पर रख रहा है जिसे नंबर वन पर लाने के लिए राज्य सरकार अग्रसर है। इसे लेकर हाल ही में राज्य के मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग के अधिकारी समेत सभी जिलों के डीएम के साथ बैठक की। विषय था होम स्टे की संख्या में इजाफा करना। राज्य के पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन ने इसे लेकर बताया कि होम स्टे पर हमारा फोकस अधिक है। इस पर काम भी चल रहा है। कई जगहों को चिन्ह्ति भी किया गया है जिसे होम स्टे में तब्दील किया जाएगा। बताया जा रहा है कि पर्यटकों की पसंद को देखते हुए दुर्गापूजा से पहले होम स्टे को बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभारने की कोशिश की जा रही है।
किफायती होने के साथ रोजगार का देता है अवसर
विभागीय अधिकारी ने बताया कि होम स्टे स्थानीय लोगों को रोजगार देने का सुअवसर है, इसके साथ ही पर्यटकों के लिए यह पहली पसंद मानी जा रही है क्योंकि यहां घर जैसा माहौल मिलता है। लोगों के लिए यह किफायती है। सबसे बड़ी बात स्थानीय लोगों को एक वजह मिल रही है ​जिससे उन्हें कमाने का जरिया सुलभ करवाती है सरकार।
क्या है होम स्टे
होम स्टे यानी जहां हम रह रहे हैं, वहां अपने घर जैसी अनुभूति हो। उत्तर बंगाल में होम स्टे अधिक है क्योंकि यहां की पहाड़ियों पर कई लोग हैं जिनके पास छोटे-छोटे एक या दो कमरों के मकान हैं। सरकार से मिली आर्थिक मदद के बाद इन मकानों को होटल जैसा रूप दे दिया गया है जिसका किराया इन मकान मालिकों को ही मिलता है। दक्षिण बंगाल में जमींदारों के पुराने मकान में होम स्टे तैयार किया गया। कई जगह देखा गया है कि होम स्टे में पोल्ट्री फॉर्म, फार्म हाउस बड़े-बड़े बागान की भी छवि उभारी गई है। इन होम स्टे की तालिका पश्चिम बंगाल टूरिज्म ऐप में दर्ज है जहां से पर्यटक इसकी डायरेक्ट बुकिंग कर सकते हैं।
होम स्टे की खासियत
होम स्टे में पहाड़ के करीब प्रकृति की खूबसूरती के साथ गंगा के किनारे जमींदारों की पुश्तैनी मकानों में रह कर रजवाड़े जैसी अनुभूति मिलती है। दरअसल होम स्टे में रहने पर लगता ही नहीं है कि आप होटल में रह रहे हैं या अपने घर में क्योंकि यहां सब कुछ घर जैसा होता है।
होम स्टे के मालिकों को दी जाएगी ट्रेनिंग
अधिकारी ने बताया कि जो लोग होम स्टे के मालिक हैं उन्हें सरकार बाकायदा ट्रेनिंग देती है, ताकि वे अपने यहां आने वाले लोगों की मेहमान नवाजी में कहीं कोई कोर कसर ना छोड़ सकें, साथ ही होम स्टे विदेशियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसलिए उन्हें लेकर हाइजीन की समस्या ना हो इस पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

इस उम्र के बाद बच्चे को जरूर सिखाएं ये 5 काम करना, कई मुश्किलें होंगी आसान

कोलकाता : बच्चों की खास देखभाल और बेहतर परवरिश के लिए पैरेंट्स हर मुमकिन कोशिश करते हैं। बावजूद इसके कुछ बच्चे आलसी नेचर के होते आगे पढ़ें »

ऊपर