5 साल से चला रहे थे बगैर ट्रेनिंग के ट्रेन !

उनके ट्रेन चलाने का नहीं है कोई प्रमाणपत्र : पूरे
कोलकाता : पिछले 5 साल से फर्जी नियुक्त‌ि पत्र और आईडी कार्ड के आधार पर दो व्यक्ति ट्रेन चला रहे थे। राज्य में फर्जी आईएएस, आईपीएस और सरकारी अधिकारी के बाद अब नकली ट्रेन ड्राइवर के बारे में पता चला है। ये दोनों व्यक्ति रोजाना हजारों लोगों की जान जोखिम में डालकर पूर्व रेल के सियालदह डिविजन में ट्रेन चलाते थे। सूत्रों के अनुसार दोनों युवक पूर्व रेल के सियालदह डिविजन में नौकरी करते थे। उनके नाम साहेब सिंह और इसराफिल सिंह हैं। सियालदह डिविजन का आईडी कार्ड लेकर तमिलनाडू जाने के दौरान रेलवे पास और टिकट देखकर वहां टिकट परीक्षक को उन पर संदेह हुआ। इसके बाद ही दोनों को पकड़कर टिकट परीक्षक ने पुलिस के हाथों में सौंप दिया। अभियुक्तों के पास से कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं। अभियुक्तों से पूछताछ के दौरान पता चला कि वर्ष 2016 में उन्होंने नौकरी ज्वाइन किया था। पिछले 5 साल से वे लोग इसी तरह नौकरी करते थे। पिछले पांच साल वे लोग इसी तरह से नौकरी कर रहे थे। बताया गया कि अभियुक्तों को कोलकाता लाकर उनसे पूछताछ की जाएगी। वहीं इस बारे में पूर्व रेलवे की ओर से कहा गया है कि अभियुक्तों का पूर्व रेलवे से सीधा सम्पर्क नहीं है। वहीं उन्होंने ट्रेन चलायी है इसका कोई भी प्रमाण पत्र नहीं मिला है।

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