दूसरे दिन भी जारी रही बैंक हड़ताल, राज्य में प्रभावित रही सेवाएं

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में बैंकिंग परिचालन शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ क्योंकि सरकारी बैंकों के निजीकरण के केंद्र के कदम के विरोध में सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाताओं के लाखों कर्मचारियों व अधिकारियों ने अपनी राष्ट्रव्यापी हड़ताल जारी रखी। राज्य में लगभग 8,590 बैंक शाखाओं और अधिकांश एटीएम के शटर दिन के दौरान बंद रहे क्योंकि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) ने 16 दिसंबर से दो दिवसीय हड़ताल का अवलोकन किया। एक अधिकारी ने कहा, ‘हमें दूसरे दिन हड़ताल के आह्वान पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली क्योंकि लगभग सभी कर्मचारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। यूएफबीयू के एक अधिकारी ने कहा कि अगर सरकार बैंक निजीकरण विधेयक को आगे बढ़ाती है तो हम भविष्य में इस तरह के और आंदोलन करेंगे। फरवरी में पेश किए गए 2021-22 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण का प्रस्ताव रखा था।’ इसे सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार ने बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक 2021 को संसद के चालू सत्र के दौरान पेश करने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया है। अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ के महासचिव संजय दास ने कहा, ‘अगर सरकार विधेयक को वापस नहीं लेती है तो दो दिवसीय हड़ताल के अलावा, विरोध कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी।’ उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के सरकार के फैसले से देश की अर्थव्यवस्था, प्राथमिकता वाले क्षेत्र को ऋण देने और स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को ऋण प्रवाह पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। दास ने कहा, ‘देश की कुल जमा राशि का लगभग 70 प्रतिशत पीएसबी के पास है, और इन बैंकों को निजी ऋणदाताओं को सौंपने से पीएसबी में जमा लोगों का पैसा खतरे में पड़ जाएगा।’

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

भतीजा आना चाहता है सत्ता में, इसीलिए तो दीदी के मंत्री हो रहे है गिरफ्तार – अधीर

कोलकाता : भतीजा सत्ता में आना चाहता है। इसीलिए दीदी के टीम के लोग ही गिरफ्तार हो रहे हैं। भतीजे की टीम के नेताओं को आगे पढ़ें »

ऊपर