भाजपा से लड़ाई में वाम और कांग्रेस ममता का साथ दें : तृणमूल की अपील

* अभिषेक ने कभी नहीं मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का दावा पेश किया
* भाजपा ईर्ष्या के कारण अभिषेक पर व्यक्तिगत हमले कर रही है
* पशु-तस्करी रोकना पुलिस की नहीं बीएसएफ की जिम्मेदारी
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : अप्रैल-मई में राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राजनीतिक पार्टियां चुनाव के लिए जोर शोर से मैदान में उतर चुकी हैं। भाजपा जहां 2021 में सरकार बनाने का दावा कर रही है वहीं तृणमूल एक इंच भी जमीन नहीं छोड़ना चाहती है। तृणमूल ने भाजपा पर ‘‘सांप्रदायिक एवं विभाजनकारी’’ राजनीति करने का आरोप लगाया है और इस लड़ाई में तृणमूल ने वाममोर्चा और कांग्रेस से ममता बनर्जी का समर्थन करने की अपील की है। तृणमूल के वरिष्ठ सांसद व प्रवक्ता सौगत राय ने कहा कि अगर वाममोर्चा और कांग्रेस वास्तव में भाजपा के खिलाफ हैं तो उन्हें भगवा दल की सांप्रदायिक एवं विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ लड़ाई में ममता बनर्जी का साथ देना चाहिए। सौगत ने कहा कि तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ही ‘भाजपा के खिलाफ धर्मनिरपेक्ष राजनीति का असली चेहरा’ हैं। उन्होंने दावा कि केन्द्र में भाजपा नीत सरकार द्वारा शुरू की गई एक भी योजना सफल नहीं हुई जबकि तृणमूल विकास के हितों में रचनात्मक कार्यों में विश्वास रखती है।
अमित शाह पर साधा निशाना
बंगाल में पशु-तस्करी का मामला राजनीतिक रूप ले चुका है। इसे लेकर सांसद ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि अलग-अलग जगह भोजन करने के बजाय उन्हें सीमा पर जाकर देखना चाहिए था कि बीएसएफ अपना काम अच्छे से कर रही है या नहीं। सांसद ने कहा कि बीएसएफ, देश की सीमाओं की रक्षा करती है और वह केन्द्र सरकार के अधीन आती है। सीमा पार पशु-तस्करी को रोकना पुलिस की नहीं उसकी जिम्मेदारी है।
दिलीप घोष से ज्यादा राजनीतिक अनुभवी हैं अभिषेक
यह पूछे जाने पर कि विधानसभा चुनाव में भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख दिलीप घोष क्या भगवा पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे, इस पर उन्होंने कहा कि यह भाजपा का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा, डायमंड हार्बर के सांसद एवं तृणमूल युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक बनर्जी को घोष की तुलना में अधिक राजनीतिक अनुभव है। उन्होंने कहा कि दिलीप घोष 2015 से ही राजनीति में सक्रिय हुए हैं, लेकिन अभिषेक बनर्जी 2014 में सांसद बने और उससे पहले से ही तृणमूल युवा की राजनीति में सक्रिय हैं। सौगत ने कहा कि भाजपा जानबू्झकर अभिषेक बनर्जी पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करती है, ऐसा करके वे लोग सोचते हैं कि ममता बनर्जी पर राजनीतिक हमले कर रहे हैं। अभिषेक बनर्जी ने कभी नहीं तृणमूल का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनने का दावा पेश किया। वे हमेशा से ही कहते आ रहे हैं कि तीसरी बार ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनेंगी।

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