प्रशांत किशोर का सरकार पर तंज, कहा-सिर्फ वादे, कोई मदद नहीं

कोलकाता : चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि सहानुभूति की नयी परिभाषा केंद्र सरकार की तरफ से दी जा रही है। पीके ने कहा है कि कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को सरकार की तरफ से मदद नहीं की गयी है बस वादे किए गए हैं।
प्रधानमंत्री के ट्वीट पर प्रशांत किशोर ने कहा कि मोदी सरकार का एक और मास्टर स्ट्रोक इस बार कोविड के चलते तबाह हुए बच्चों के लिए सहानुभूति और देखभाल को नए तरीके से परिभाषित किया गया है। बच्चों को अभी सहायता मिलने के बदले उन्हें 18 साल की उम्र में स्टाइपेंड के वादे से खुश होना चाहिए। मुफ्त शिक्षा के वादे के लिए पीएम केयर्स का आभारी रहें, जो कि अधिकार के रूप में है।
आयुष्मान भारत में नाम दर्ज होने के आश्वासन के लिए पीएमओ का धन्यवाद कीजिए, जो कि 50 करोड़ भारतीयों की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने के लिए जाना जाता है। लेकिन जरूरत पड़ने पर बेड/ ऑक्सीजन भी उपलब्ध करवाने में विफल रहा है।
बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की। ऐसे बच्चों को 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर मासिक वित्तीय सहायता और 23 वर्ष की आयु पूरी करने पर पीएम केयर्स फंड से 10 लाख रुपये की राशि मिलेगी। इस तरह के बच्चों का सहयोग करने के लिए उपायों पर विचार-विमर्श की खातिर एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि “पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन’’ योजना के तहत उनका सहयोग किया जाएगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि ऐसे बच्चों को 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर मासिक वित्तीय सहायता और 23 वर्ष की आयु पूरी करने पर पीएम केयर्स फंड से 10 लाख रुपये की राशि मिलेगी। इन योजनाओं की घोषणा करते हुए मोदी ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं और उनकी सहायता करने एवं उनका संरक्षण करने के लिए सरकार हरसंभव सहयोग करेगी, ताकि वे मजबूत नागरिक बन सकें और उनका भविष्य उज्ज्वल हो।

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