आईएएस (कैडर) नियम, 1954 में संशोधन राज्य हित में नहीं : ममता

ममता ने की कड़ी आपत्ति, लिखा पीएम को खत
सोनू ओझा
कोलकाता : आईएएस (कैडर) नियम, 1954 में केंद्र के प्रस्तावित संशोधन को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है। इस बाबत ममता ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी तथा इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की। ममता का कहना है कि संशोधन का यह प्रस्ताव सहकारी संघवाद की भावना के खिलाफ है। इससे केंद्र और राज्यों के बीच सामंजस्य बिगड़ेगा।
ममता ने कहा, केंद्र और राज्यों के बीच सामंजस्य बिगड़ेगा
ममता ने अपने पत्र में लिखा है “मैं कैडर नियमों में इस तरह के संशोधन का प्रस्ताव करने में केंद्र सरकार द्वारा अपनाए गए दृष्टिकोण पर अपना कड़ा विरोध व्यक्त करती हूं, जो एकतरफा रूप से राज्य सरकार के लिये प्रतिनियुक्ति के वास्ते केंद्रीय प्रतिनियुक्ति रिजर्व के तहत निर्धारित संख्या में अधिकारियों को उपलब्ध कराना अनिवार्य करता है।’’ आगे उन्होंने कहा ‘मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि आप इस बात पर विचार करें कि मौजूदा तरीके में जिस तरीके से इस विषय पर काम किया जा रहा है उसे एकतरफावाद द्वारा प्रतिस्थापित नहीं किया जाना चाहिए।
केंद्र के हाथों आ जाएगी डेप्युटेशन की कमान
जानकारी के अनुसार केंद्र ने आईएएस (कैडर) नियम, 1954 में संशोधन का प्रस्ताव लाया है। जिसमें आईएएस के सेंट्रल डेप्युटेशन को लेकर संशोधन करने की बात है। इस संशोधन पर मुहर लगने पर इस विषय से संबंधित समस्त शक्तियां राज्य की बजाय एक तरीके से केंद्र के हाथों में रहेगी जिसका ममता बनर्जी विरोध कर रही है। ममता का कहना है कि अधिकारी के कार्य क्षमता को देखते हुए केंद्र की इस बाबत जो नीति है उसके तहत ही राज्य सरकार सेंट्रल डेप्युटेशन को लेकर कोई निर्णय लेता है। इसमें राज्य और केंद्र की अपनी अलग भूमिका है इसलिए क्षमता का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

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