‘वाममोर्चा के साथ होगा गठबंधन, जल्द हाईकमान लेगा फैसला’

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। एक तरफ भाजपा पूरा दम लगा रही है तो दूसरी ओर तृणमूल अपनी सियासत कायम रखने की कोशिश में है। इस बीच, माकपा और कांग्रेस गठबंधन के लिए तैयार है। वहीं हाल में पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी संभालने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री व पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रभारी जितिन प्रसादअपने दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे पर आये। इस दौरान उन्होंने प्रदेश नेतृत्व व अलग – अलग जिलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। सन्मार्ग से हुई खास बातचीत में जितिन प्रसाद ने पश्चिम बंगाल की राजनीति व अन्य कई मुद्दों पर बात की।

सवाल – दो दिनों से आप बंगाल के दौरे पर थे। क्या फीडबैक आपको मिला और बंगाल में कांग्रेस की क्या स्थिति देखते हैं ?
जवाब – कोरोना काल के कारण मैं पहले यहां नहीं आ पाया। पूरे संगठन को नये सिरे से सजाया गया है। अभी तक मैं वर्चुअली बैठक कर रहा था, सुझाव ले रहा था। इस दौरे में चुनावी तैयारियों पर चर्चा हुई व रणनीति भी तैयार की गयी। हमारे कार्यकर्ता पूरी तरह तैयार हैं और पूरी ताकत से हम बंगाल में चुनाव लड़ेंगे।

सवाल – वाममोर्चा के साथ गठबंधन किस स्तर पर है और कब तक इसकी घोषणा होगी ?
जवाब – कांग्रेस और वाममोर्चा लगातार संयुक्त कार्यक्रम कर रहा है और उसी दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। अंतिम निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष का है, लेकिन हम अपनी पूरी तैयारी के साथ वे मुद्दे उठा रहे हैं जो राज्य के हित में हैं। कार्यकर्ताओं की मांग है कि हमारा गठजोड़ वाममोर्चा से होना चाहिये जिसकी रिपोर्ट जल्द से जल्द हाईकमान को सबमिट करूंगा।

सवाल – एक तरफ भाजपा तो दूसरी ओर तृणमूल, बंगाल में इस दो तरफा चैलेंज का मुकाबला कैसे करेंगे ? जवाब – भाजपा बंगाल की संस्कृति और संस्कार को कुचलकर यहां नया कल्चर स्थापित करना चाहती है। राष्ट्रगान में भी बदलाव की कोशिश की गयी जिसे बंगाल के लोग कभी स्वीकार नहीं करेंगे। तृणमूल के राज में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कोयला, बालू और पशु तस्करी बढ़ गयी है जिस कारण जनता में भारी आक्रोश है।

सवाल – भाजपा के अमित शाह से लेकर बड़े नेताओं का बंगाल आना शुरू है। यहां राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के दौरे कब से शुरू होंगे।
जवाब – भाजपा और कांग्रेस की संस्कृति अलग है। कांग्रेस बंगाल के इतिहास से जुड़ी हुई है। भाजपा यहां लोगों को बांटकर वोट लेना चाहती है। हमारे नेता समय – समय पर जरूर आयेंगे। अगले महीने भी आ सकते हैं, लेकिन यहां हमारे प्रदेश नेता काफी मजबूत हैं जिनका लोगों से जुड़ाव भी है। राज्य नेताओं के दम पर यहां हम चुनाव लड़ेंगे, हालांकि केंद्रीय नेताओं की मौजूदगी भी रहेगी।

सवाल – तृणमूल के साथ गठबंधन की संभावना है ?
जवाब – वामपंथियों के साथ संयुक्त कार्यक्रम हो रहे हैं, उनसे साझा रणनीति तैयार की जा रही है। ऐसे में तृणमूल के साथ गठबंधन की बात कहां से आ रही है, यह मुझे नहीं मालूम।

सवाल – सीएए व एनआरसी पर कांग्रेस का क्या रुख है ?
जवाब – देशहित के लिए काम करने वालों के साथ कांग्रेस खड़ी है। जो यहां का नागरिक नहीं है, उसे यहां रहने का अधिकार नहीं है, लेकिन भाजपा इस मुद्दे पर वोट बैंक की राजनीति करती है। इस पर राजनीतिकरण करना चाहती है और फिर इसे ठण्डे बस्ते में डाल दिया जाता है।

 

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