आरएमओ डॉक्टरों की स्थानांतरण नीति में भेदभाव का आरोप

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य के मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा सेवा में आरएमओ की भर्ती में हालिया अनियमितताएं और भ्रष्टाचार अभूतपूर्व हैं। इस भर्ती प्रक्रिया में, कुछ विषयों में स्नातकोत्तर (एमडी / एमएस) उम्मीदवार होने के बावजूद, परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले एमबीबीएस उम्मीदवारों का चयन किया गया है। दूसरी ओर कुछ चिकित्सकों को कई विषयों पर चुना गया है। तेरह खंडों में आरएमओ के पद पर एक सदस्य का चयन किया गया है। कई एक से अधिक विषयों में चुने गए हैं। इन सदस्यों में कई प्रभावशाली मंत्रियों और प्रभावशाली लोगों के बेटे व बेटी भी हैं। दूसरी ओर, डॉक्टरों के स्थानांतरण में भी असीम भ्रष्टाचार है। तबादला सूची नियमानुसार लंबे समय से जारी नहीं की गई है। इन मुद्दों को लेकर सर्विस डॉक्टर्स फोरम (एसडीएफ) की तरफ से स्वास्थ्य भवन के सामने प्रदर्शन किया गया। इस दौरान डॉ.सजल विश्वास, डॉ. सपन विश्वास व अन्य शामिल थे।संगठन का आरोप है कि बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया को निलंबित करने और एक पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त हस्तांतरण नीति शुरू करके भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की पूर्ण और उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की गई ।

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