तृणमूल हिन्दी सेल के सभी उम्मीदवारों ने जताया दीदी के प्रति आभार

कोलकाता : तृणमूल हिन्दी सेल के सभी उम्मीदवारों ने इस बार के विधानसभा चुनाव में बाजी मारी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उन्होंने जनता की सेवा करने के लिए दिये गये इस मौके पर आभार जताया है। हिन्दी सेल से इस बार 3 उम्मीदवारों को चुनाव में दंगल करने के लिए उतारा गया था। इनमें सेल के अध्यक्ष विवेक गुप्त, कार्यकारणी उपाध्यक्ष सोमनाथ श्याम तथा राजेंद्र प्रसाद सिंह को इस बार इस संग्राम में उतारा गया था और तीनों के तीनों ने काफी अच्छे अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। विवेक गुप्त ने जोड़ासांकु से, सोमनाथ श्याम जगदल से, राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने नलहाट्टी विधानसभा सीट से फतह हासिल की है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल तृणमूल की ओर से हिन्दी भाषियों के लिए तृणमूल हिन्दी सेल का गठन 14 सितंबर को किया गया। इस हिंदी सेल में तृणमूल के पूर्व सांसद विवेक गुप्ता को अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके बाद से ही विभिन्न जिलों में जाकर एक-एक हिन्दी भाषियों की समस्याओं को सुना गया और इनका समाधान निकाला गया। हिन्दी भाषियों का दिल जीत कर उन्हें भरोसा दिलाया गया कि उनका भविष्य तृणमूल के साथ सुरक्षित है। हर जिले का एक अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जिसे उस इलाके में हिन्दी भाषियों की समस्याओं को सुलझाने को कहा गया। राज्य के सभी हिंदी भाषी लोगों को एक साथ लाने के लिए इस विशेष पहल की शुरुआत विवेक गुप्त की अध्यक्षता में की गयी। पार्टी ने हिंदीभाषियों के लिए एक खुला मंच बनाने के उद्देश्य से हिंदी प्रकोष्ठ या हिन्दी सेल की संरचना की गयी।
हिन्दी सेल ने किया कमाल
हिन्दी सेल के गठन के बाद से बंगाल में हिन्दीभाषियों में नयी उम्मीद जगी। इसका मुख्य मकसद था कि हिन्दीभाषी खुद को दोयम दर्जे के नाग​रिक न समझे। यहां के रहने वाले सभी बंगाल के हैं। राज्य सरकार व तृणमूल कांग्रेस ने हिन्दी शिक्षा, संस्कृति और समुदाय के समग्र विकास और मजबूती के लिए इसका गठन किया ताकि अन्य पार्टी यहां के हिन्दी भाषियों को बरगलाए नहीं। यही नहीं सीएमम ने हिंदी अकादमी का पुनर्गठन भी किया। यही कारण रहा कि हिन्दी भाषी क्षेत्रों में इस बार भाजपा की एक न चल पायी। इन दो बड़ी घोषणाओं ने भाजपा के सारे वादों पर पानी फेर दिया। हिन्दी प्रकोष्ठ को एक ऐसा मंच बनाया गया जहां हिन्दी समुदाय के लोगों को भी प्रतिनिधित्व करने का पूरा मौका दिया गया। हिन्दीभाषियों के हित में उनके सुझाव बेहद ही अहम माने गये और उनकी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हुई।
इन इलाकों में हिन्दी भाषियों की है सबसे अधिक तादात
राज्य में मध्य कोलकाता, दक्षिण कोलकाता, उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली, सिलीगुड़ी, आसनसोल, दुर्गापुर, खड़गपुर सदर व राज्य के कुछ अन्य इलाकों में हिंदी भाषी आबादी इस बार निर्णायक भूमिका में थे। ऐसा नहीं था कि अचानक से हिन्दी सेल का गठन किया गया बल्कि इस पर कई वर्षों से काम चल रहा था। माकपा को सत्ता से उखाड़ फेंकने में बंगाल में रह रहे 1 करोड़ से अधिक हिन्दी भाषियों की अहम भूमिका रहीं। इसके बाद से ही तृणमूल ने सत्ता में आने के बाद वर्ष 2011 से ही कई कोशिशें कीं। हिन्दी को आधिकारिक भाषा का दर्जा देने के अपने इरादे की सीएम ने घोषणा की थी।
कई कार्य ऐसे हुए जो एतिहासिक हैं
2012 में यह साकार हुआ और 10 % से अधिक हिन्दीभाषी आबादी वाले जिलों व नगरपालिकाओं में हिन्दी को आधिकारिक भाषा बना दिया गया। फिर क्या था, हिन्दी भाषियों का झुकाव दीदी की ओर और ज्यादा होने लगा। 2019 में राज्य सरकार ने हिन्दी विश्वविद्यालय विधेयक पारित किया और हावड़ा में हिन्दी विश्वविद्यालय की स्थापना की नींव भी रख दी गयी। इतना ही नहीं इससे पहले हिन्दी माध्यम जनरल डिग्री कॉलेज की भी शुरुआत हुई। वहीं राज्य सरकार की ओर से कुल 5 करोड़ रुपये का आर्थिक आवंटन हिन्दी अकादमी को दिया गया। सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सचिव ने आवंटन की सूचना देने वाले पत्र में लिखा कि हिन्दी अकादमी का कार्यालय बीबीडी बाग स्थित हेमंत भवन में होगा। इसमें जनरल एडुकेशन, लैंग्वेज डेवलपमेंट, प्रमोशन ऑफ मॉडर्न इंडियन लैंग्वेज और लिटरेचर के क्षेत्र से जुड़े कार्य शामिल रहेंगे।
हिन्दी सेल की सफलता में इनकी भूमिका भी अहम रहीं
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा हिन्दी सेल की स्थापना और इसके सदस्यों को टिकट देकर उनका मान बढ़ाने के लिए हिन्दी सेल के सदस्यों में हिन्दी सेल के वाइस प्रेसिडेंट हरेन्द्र सिंह, राजेश सिन्हा, दिनेश गंग्वाल, श्याम लाल महतो, मुन्ना सिंह, मनोज यादव, रवि शंकर पाण्डेय, सुरेश मिश्रा, अशोक झा, धनंजय सिंह, कृष्ण प्रताप सिंह, संजय टिबरेवाल, संतोष सिंह, श्याम लाल महतो, सिद्धार्थ प्रसाद, सुग्रीव सिंह, सुरेश मिश्रा, सुरेश पांडेय व संजय शर्मा ने आभार प्रकट किया है। इनकी जीत के बाद आने वाले चुनावों में अब और हिन्दी भाषियों को प्रतिनिधित्व का मौका मिल सकता है।

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