2030 तक 61 मिलियन यात्रियों को संभालने की तैयारी पूरे एयरपोर्ट पर

खास बातें
पहले चरण में 11 मिलियन और दूसरे चरण में 22 मिलियन यात्रियों की क्षमता
प्रोजेक्ट को लेकर फेजवाइज होगा काम
कुल 6000 से 7000 करोड़ है बजट
पार्किंग बे 63 से बढ़ाकर 125 कर दी जाएगी
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : यात्रियों की लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए एयरपोर्ट अथाॅरिटी ऑफ इंडिया की ओर से टर्मिनल विस्तार की योजना बनायी गयी है। इसका उद्देश्य 2030 तक 61 मिलियन यात्रियों को संभालना है। अभी कुल 26 मिलियन यात्रियों के संभालने की क्षमता है। इस बारे में एयरपोर्ट डायरेक्टर सी. पट्टाभी ने कहा कि मौजूदा एकीकृत टर्मिनल में एक मॉड्यूल जोड़कर और अतिरिक्त स्थान का उपयोग करके टर्मिनल का विस्तार किया जाएगा। हर वर्ष यात्रियों की संख्या में इजाफा हो रही है। प्रति वर्ष लगभग 20 लाख यात्री ज्यादा बढ़ने की संभावना है। विस्तार के अगले दौर में दो चरणों में नये टर्मिनलों का निर्माण किया जाएगा।
नए टर्मिनल की क्षमता 33 मिलियन की
पहले चरण में 11 मिलियन यात्री और दूसरे चरण में 22 मिलियन यात्रियों की क्षमता इसमें रहेगी। एयरपोर्ट अधिकारी के मुताबिक इससे नए टर्मिनल की क्षमता 33 मिलियन यात्रियों तक पहुंच जाएगी और एयरपोर्ट की कुल क्षमता वर्ष 2030 तक 61 मिलियन यात्रियों तक पहुंच जाएगी। जब विस्तार का अंतिम चरण समाप्त होगा तो यह वर्तमान एकीकृत टर्मिनल अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल बन जाएगा, जिसमें प्रति वर्ष 26 मिलियन यात्रियों की क्षमता होगी, जबकि नया टर्मिनल – दो चरणों में प्रति वर्ष 35 मिलियन घरेलू यात्रियों की कुल क्षमता को संभाल पाएगी। फिलहाल वर्तमान के टर्मिनल में मिनी एक्सपेंशन किया जा रहा है।
130 करोड़ रुपये खर्च होंगे
एयरपोर्ट अधिकारी के मुताबिक मौजूदा टर्मिनल के अंतरराष्ट्रीय विंग में जल्द ही एक मॉड्यूल जोड़े जाएंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान और आगमन लाउंज अधिक विशाल हो जाएंगे। इसके साथ ही घरेलू विंग में चार और बस प्रस्थान द्वार जोड़े जा सकेंगे। इसके बाद इनकी संख्या 6 से 10 हो जाएगी। इस परियोजना पर 130 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं दो चरणों में होने वाले काम पर कितना खर्च आएगा, यह फिलहाल तय नहीं हुआ है। इसमें 6000 से 7000 करोड़ तक खर्च आ सकता है। यहां बताते चलें कि वर्ष 2013 में बने नये इंटिग्रेटेड टर्मिनल के निर्माण में कुल 2,325 करोड़ रुपये खर्च आये थे। इस टर्मिनल की क्षमता 26 मिलियन यात्रियों को संभालने की है।
11 मिलियन यात्रियों के लिए पहले चरण में होगा काम
11 मिलियन यात्रियों को संभालने के लिए पहले चरण में काम होगा। पुराने टर्मिनल के स्थान पर ही इसे डेवलप किया जाएगा। इसके बाद पुराने अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल तक इसे बढ़ाया जाएगा। इसके बाद एयरपोर्ट की एटीसी बि​ल्डिंग को तोड़कर उसे भी जोड़ा जाएगा क्योंकि नयी एटीसी बिल्डिंग बन रही है और वहीं से अब एटीसी की सेवाएं चालू होंगी। वर्तमान टर्मिनल में एयरोब्रिज हैं जबकि नए टर्मिनल में पॉड्स भी होंगे। इन पॉड्स के दोनों तरफ एयरोब्रिज होंगे। अधिकांश उड़ानों के लिए एरोब्रिज के माध्यम से सीधी बोर्डिंग सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी।
बड़े विमानों के लिए यह होगा खास
सूत्रों ने कहा कि एयरपोर्ट यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त एयरोब्रिज बनाएगा कि एयरबस ए-320 और बोइंग बी-737 जैसे सी-श्रेणी के विमानों के साथ-साथ ए-330 और बी-787 जैसे चौड़े विमानों के लिए रिमोट बोर्डिंग की आवश्यकता नहीं हो। रिमोट बोर्डिंग तब केवल एटीआर, एम्ब्रेयर और बॉम्बार्डियर जैसे छोटे क्षेत्रीय विमानों के लिए होगी। 2030 तक पार्किंग बे की संख्या भी 63 से बढ़ाकर 125 कर दी जाएगी।

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