दिल्ली जाने के बदले अलापन रिटायरमेंट के रास्ते पर ?

  • रविवार को गये नवान्न, आज सीएम के बैठक में रहेंगे या नहीं
  • राज्य से नहीं मिली रिलीज, केंद्र ने भी वापस नहीं लिया फैसला

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य के मुख्य सचिव अलापन बंधोपाध्याय की हाजिरी दिल्ली में होनी है या नवान्न में यह सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक स्तर पर घूम रहा है। अलापन बंद्योपाध्याय रिटायरमेंट ले रहे हैं या फिर अगले तीन महीने काम करेंगे या फिर दिल्ली जायेंगे, यह बहुत बड़ा सवाल प्रशासनिक के गलियारों में घूम रहा है। इसी बीच रविवार छुट्टी के दिन मुख्य सचिव नवान्न पहुंचे। सूत्राें ने बताया कि उनके साथ उनकी पत्नी भी थी। अपने कार्यकाल के एक दिन पहले रविवार को नवान्न पहुंचने से बहुत तक स्थिति साफ हो रही है।
सभी के सामने खड़ा है। अलापन को आज सुबह 10 बजे तक दिल्ली नॉर्थ ब्लॉक में अपनी उपस्थिति दर्ज करवानी थी लेकिन केंद्र और राज्य के बीच इस मुद्दे को लेकर चल रही गहमागहमी के बीच सूत्र बताते हैं कि राज्य सरकार की ओर से अलापन को फिलहाल रिलीज नहीं किया गया है ना ही ममता बनर्जी के आवेदन को मानते हुए केंद्र सरकार ने अलापन को दिल्ली बुलाने का फैसला वापस लिया है।इधर सूत्रों की माने तो अलापन बंदोपाध्याय नवान्न में ही आज ड्यूटी करेंगे ना कि दिल्ली में जाकर हाजिरी लगाएंगे जानकारी के अनुसार ममता बनर्जी ने केंद्र से दोबारा दरख्वास्त की है कि कोरोना काल को देखते हुए मुख्य सचिव का तबादला दिल्ली न करें बल्कि उन्हें अगले 3 महीने के लिए बंगाल में ही रहने दे। दूसरी तरफ दिल्ली की तरफ से भी साफ कह दिया गया है कि उन्हें मुख्य सचिव का पद छोड़ केंद्र सरकार में अपनी ड्यूटी ज्वाइन करनी होगी। इस बीच जानकारों की मानें तो अलापन के पास एक ही जरिया है जिससे वह दिल्ली जाने से बच सकते हैं।जानकारों की मानें तो अलापन अपने कार्यकाल से रिटायरमेंट ले सकते हैं यानी अगले 3 महीने के बाद व राज्य सरकार को आवेदन देकर रिटायरमेंट की दरख्वास्त कर सकते हैं ऐसी स्थिति में उन्हें दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार अगर इनके कार्यकाल के दौरान अलापन को रिलीज नहीं करती है तो वह दिल्ली नहीं जा सकेंगे यानी 3 महीने तक का वक्त अलापन के पास है वह बंगाल में ही मुख्य सचिव के पद पर रह सकते हैं क्योंकि राज्य सरकार उन्हें रिलीज नहीं करेगी । तीसरी सूरत में अगर राज्य सरकार या फिर केंद्र सरकार इस मसले को लेकर अदालत पहुंचती है तो अलापन की ड्यूटी भले दिल्ली या नवान्न में लग जाए रिटायरमेंट के बाद उन्हें मिलने वाली बेनिफिट में काफी दिक्कतें आएंगी। सूत्रों की माने तो अगर अलापन रिटायरमेंट लेते हैं तो राज्य सरकार उन्हें अवकाश प्राप्त के बाद भी एडवाइजरी या किसी और बोर्ड में कोई पद दे सकती है जिसके बाद वह किसी न किसी तरीके से राज्य सरकार के कार्य में जुड़े रह पाएंगे। अब देखने वाली बात होगी कि अलापन की अगली राह क्या होती है।

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