चेहरे से पहचान वाली ‘डीजी यात्रा’ के लिए एयरपोर्ट के यात्रियों को करना होगा और इंतजार

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : चेहरे से पहचान वाली तकनीक डीजी यात्रा के लिए कोलकाता एयरपोर्ट को अभी और करना होगा इंतजार। वैसे यह अगर चालू हो जाता ताे कोरोना काल में यह बेहतरीन बायोमेट्रिक्स टेक्नोलॉजी होता लेकिन फिलहाल इसके चालू होने के दूर-दूर तक कोई आसार नहीं दिख रहे। एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसके शुरु होने के बाद यात्री कुछ मिनटों में फ्लाइट में सवार हो सकेंगे। ‘डिजी यात्रा’ के तहत हवाईअड्डों पर उच्च तकनीक वाले बॉडी स्कैनर, चेहरों की पहचान की प्रौद्योगिकी और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली होगी, जिससे यात्री एक मिनट से भी कम समय में सुरक्षा जांच के कई स्तरों से गुजरने में सक्षम होंगे। कहा गया है कि एयरपोर्ट्स पर मेट्रो स्टेशनों की तरह ही फ्लैट गेट होंगे, जो यात्रियों के चेहरों की बायोमीट्रिक पहचान के साथ खुल जाएंगे। ‘डिजी यात्रा’ का पायलट प्रोजेक्ट पिछले साल मुंबई और हैदराबाद में कुछ चयनित उड़ानों के लिए शुरू किया गया था। इसके साथ ही वाराणसी एयरपोर्ट पर इंडिगो और विस्तारा के साथ इसका ट्रायल रन चल रहा है। देश के 61 हवाईअड्डों की सुरक्षा का जिम्मा सीआईएसएफ के पास है। सीआईएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि हवाईअड्डों पर बॉडी स्कैनर लगाए जाने के बाद यह काम और आसान हो जाएगा। फिलहाल विमान यात्रियों को डिपार्चर प्वाइंट से शुरू होकर आखिर में बोर्डिंग के गेट तक 4 सुरक्षा घेरों से गुजरना होता है। इस तरह सुरक्षा जांच में औसतन जब भीड़ रहती है तब एक घंटा तक का समय लग जाता है, इस दौरान यात्रियों को कतारों में खड़ा रहना पड़ता है।
आपका चेहरा बनेगा बोर्डिंग पास
इस सिस्टम में यात्रियों को बिना किसी बाधा के हवाई यात्रा की सुविधा प्रदान करने के लिए अब उनका चेहरा बोर्डिंग पास बन जाएगा। यात्रियों की अनुमति लेने के बाद चेहरों की पहचान बनाई जाएगी। इसके बाद यात्री फ्लैट गेट से गुजरेंगे जो चेहरों की बायोमीट्रिक पहचान प्रौद्योगिकी से खुलेंगे। इक्विपमेंट को लगाने का काम एयरपोर्ट पर शुरू हो गया है जिससे चेहरे की पहचान सॉफ्टवेयर के उपयोग के साथ कोलकाता हवाई अड्डे से कांटेक्टलेस यात्रा हो सकेगी। यह पेपर लेस और परेशानी मुक्त हवाई यात्रा को बढ़ावा देना चाहती है। टर्मिनल में विभिन्न प्वाइंट्स पर इक्विपमेंट्स की स्थापना – केर्बसाइड कियोस्क, गेट्स, चेक-इन काउंटर, प्री-एम्बार्केशन सुरक्षा जांच और बोर्डिंग पॉइंट पर काम लगभग समाप्त हो चुका है। पिछले साल लॉकडाउन के कारण कुछ इक्विपमेंट्स के आने में देरी हुई। परियोजना की समय सीमा, इसलिए इस अप्रैल से और आगे बढ़ा दिया गया है। इस बारे में एयरपोर्ट डायरेक्टर कौशिक भट्टाचार्य ने बताया कि हम इसे पूरा करने के लिए ट्रैक पर हैं। कुछ तकनीकी परेशानियों के कारण इसे पूरा नहीं किया जा सका था। जैसे समस्याओं को सुलझा लिया जाएगा, इस पर काम आगे बढ़ा दिया जाएगा।

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