‘नहीं चलेगी नेताओं की सिफारिश’

यास की तबाही के बाद ममता सरकार ने दी 1000 करोड़ की सहायता राशि
दुआरे त्राण योजना के तहत लोगों को मिलेगी सरकारी मदद
सरकारी स्तर पर क्रियान्वित होगी त्रिस्तरीय योजना
कोलकाता : यास चक्रवात के बाद राज्य में मची तबाही को दूर कर जनजीवन दोबारा पटरी पर लाने के लिए ममता सरकार ने 1000 करोड़ की सहायता राशि देने की घोषणा की है। यह घोषणा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को चक्रवात की तबाही को लेकर हुई समीक्षा बैठक के बाद की। ममता बनर्जी ने बताया कि अनुमानित तौर पर इस चक्रवात से करीब 15000 करोड़ का नुकसान हुआ है जबकि पूरी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। हर किसी के नुकसान की भरपाई हो सके इसके लिए राज्य सरकार दुआरे सरकार की तर्ज पर दुआरे त्राण योजना की शुरुआत करने जा रहा है। यह योजना लोगों को सरकारी स्तर पर मदद करेगी जिसमें कोई राजनीतिक रंग नहीं दिया जाएगा। जानकारों की माने तो पिछले साल आए महाचक्रवात अंफान के बाद क्षतपूर्ति के नाम पर आरोप लगे थे कि तृणमूल नेताओं ने सिफारिश करके अपने लोगों को सरकारी लाभ दिलाया था। मामला अदालत तक पहुंचा था। इस बार ऐसी नौबत ना आए इसलिए ममता बनर्जी पहले से ही इस योजना में पारदर्शिता की बात कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद देखेंगी कि किसे इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
गांव-ब्लॉक में बैठेंगे अधिकारी, देना होगा नुकसान की भरपाई का आवेदन
इस योजना की जानकारी देते हुए ममता बनर्जी ने बताया कि अधिकारियों को गांव ब्लॉक में जाकर कैंप लगाना होगा जरूरत पड़ने पर भी घर घर जाएंगे और लोगों से उनके नुकसान के बारे में जानकारी लेंगे सिर्फ कहने मात्र से ही किसी के नुकसान की भरपाई नहीं की जाएगी बल्कि अमुक व्यक्ति को नुकसान की भरपाई के लिए बकायदा आवेदन देना होगा इसके लिए आवेदन बॉक्स की भी व्यवस्था होगी और चाहे तो अधिकारी के हाथों में भी यह आवेदन दिया जा सकता है इस आवेदन के आधार पर ही सरकार सहायता करेगी।
नेताओं की सिफारिश नहीं चलेगी
ममता बनर्जी ने कहा कि यह पूरी योजना सरकारी स्तर पर पूरी की जाएगी इसमें किसी भी नेता की सिफारिश नहीं चलेगी अगर कोई सोचेगा कि इलाके के नेता से बात करके सरकारी सहायता ली जा सकती है तो वह संभव नहीं होगा इसके लिए सरकार भी पूरी तत्पर हैं जो कुछ मदद मिली है वह अधिकारियों के मार्फत की सरकार देगी।
तीन स्तरों में पूरी होगी प्रक्रिया
पहला स्तर : सबसे पहले व्यक्ति को नुकसान की भरपाई के लिए आवेदन खुद देना होगा।
दूसरा स्तर : इस आवेदन में कितनी सच्चाई है सरकार उसकी जांच करेगी।
तीसरा स्तर : सरकार आवेदनकर्ताओं को बैंक के जरिए सरकारी राशि प्रदान करेगी।
एक नजर इस योजना पर
*3-18 जून तक करना होगा आवेदन। इसके लिए 15 दिनों का समय दिया जाएगा जिसमें वह लोग आवेदन करेंगे कि उनका इस चक्रवात में क्या नुकसान हुआ है। यह योजना जरूरतमंद के लिए है जिसका आवेदन उन्हें स्वयं करना पड़ेगा।
*19-30 जून तक समस्त आवेदनों की समीक्षा की जाएगी, जिसमें यह देखा जाएगा कि आवेदनकर्ता वाकई जरूरतमंद है कि नहीं।इसके अलावा दूसरा को5ई जरूरतमंद इस योजना से कहीं वंचित न रह जाए इसके वेरिफिकेशन के बाद ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
*1-18 जुलाई तक समस्त वेरीफाई किए गए
आवेदनकर्ताओं को राहत राशि सरकार द्वारा बैंकों के मार्फत दे दी जाएगी। इस दौरान पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी कि हर जरूरतमंद को उसका अधिकार सरकार दे सके।

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