बंगाल : दाखिले की दौड़ शुरू पर कॉलेजों में नहीं बढ़ीं सीटें

 पहले 90% या उससे अधिक वालों का हो रहा एडमिशन
अभिभावकों की बढ़ी चिंता, कहा, कम नंबर वालों के भविष्य का क्या ?
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोरोना महामारी के कारण इस बार माध्यमिक की तरह ही उच्च माध्यमिक की परीक्षा भी नहीं हो पायी थी। पहले उच्च माध्यमिक का पास प्रतिशत 97.69% था और लगभग 18,000 परीक्षार्थी असफल हुए थे। हालांकि परीक्षार्थियों के द्वारा प्रदर्शन को देखते हुए बाद में सभी को पास कर दिया गया था। इन सबके बीच, कोरोना महामारी के कारण 2020-21 के बैच को भी पैनडेमिक बैच कहा जाने लगा, लेकिन अब इन छात्र-छात्राओं के कॉलेजों में एडमिशन को लेकर काफी परेशानियां आने लगी हैं। कई अभिभावकों द्वारा इस तरह की शिकायतें आ रही हैं कि कॉलेजों के एडमिशन लिस्ट में नाम निकलने के बावजूद उनके बच्चों की कॉलेजों में भर्ती नहीं हो पा रही है। कई कॉलेजों के प्रिंसिपलों से बात करने पर उन्होंने केवल दो टूक कहा कि उनके कॉलेज में किसी तरह की कोई समस्या नहीं हो रही है।
अभिभावकाें ने पूछा, कम नंबर वालों के लिए क्या ?
अभिभावकों का कहना है कि कॉलेजों में केवल 90% या उससे अधिक नंबर लाने वाले विद्यार्थियों की भर्ती हो रही है। हालांकि लाखों की संख्या में ऐसे छात्र भी हैं जिनके नंबर 90% से नीचे हैं। ऐसे में उनके भविष्य का क्या होगा ? पेशे से ट्यूटर एक अभिभावक सीमा सिंह ने कहा, ‘मेरी बेटी श्रेया ने 3 कॉलेजों में आवेदन दिया और सभी कॉलेजों की एडमिशन लिस्ट में उसका नाम भी आ गया है, लेकिन 90% से कम नंबर होने के कारण अभी तक उसकी भर्ती कहीं नहीं हो पायी है। जब बगैर परीक्षा के सभी को पास किया गया तो अब भर्ती क्यों नहीं ली जा रही है, ये बात समझ से परे है।’ इसी तरह एक और अभिभावक सरोज कुमार सिंह ने कहा, ‘मेरे बेटे अभिनव का पास प्रतिशत कुछ कम है तो क्या उसकी भर्ती नहीं होगी ? केवल एडमिशन लिस्ट में नाम आ गया है, लेकिन कॉलेजों की ओर से भर्ती नहीं ली जा रही है।’
कॉलेजों में हजारों की संख्या में आ रहे हैं आवेदन
उमेश चंद्र कॉलेज के प्रिंसिपल मो. तोफाज्जल हक ने सन्मार्ग से कहा, ‘कॉलेजों में सीटों की क्षमता बढ़ाने का निर्देश राज्य सरकार की ओर से आता तो फिर अलग बात होती, लेकिन वर्ष 2016-17 से इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी है, इस कारण एक्स्ट्रा एडमिशन हम नहीं ले पा रहे हैं। हमारे यहां पास व ऑनर्स मिलाकर कुल सीटों की क्षमता 1693 है, राज्य सरकार द्वारा अगर 20% सीटों की क्षमता बढ़ायी जाती तो फिर हम एक्स्ट्रा एडमिशन ले पाते। अन्य वर्षों में जहां हमारे कॉलेज में 5 से 6 हजार आवेदन आते थे, वहीं इस वर्ष 13 हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं। इन सबके अलावा 30 सितम्बर तक भर्ती प्रक्रिया पूरी कर 1 अक्टूबर से प्रथम वर्ष का क्लास चालू करने भी कहा गया है। ऐसे में जिन बच्चों की भर्ती अब तक नहीं हो पायी है, उनको लेकर आगे क्या व्यवस्था होगी, इस बारे में अभी कुछ भी कहना मुश्किल है।’
‘ये अस्थायी समस्या, आगे खुलेंगे कई विकल्प’
भवानीपुर कॉलेज के डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स प्रो. दिलीप शाह ने कहा, ‘इस साल काफी संख्या में बच्चे पास हुए हैं जबकि सीटों की संख्या उतनी ही है, ऐसे में कुछ समस्या तो स्वाभाविक है, लेकिन ये अस्थायी समस्या है और आगे बच्चों के लिए कई विकल्प खुलेंगे। अभी शिक्षा जगत बदलाव के दौर से गुजर रहा है, ऑनलाइन एडुकेशन आ रहा है, वोकेशनल ट्रेनिंग जैसी चीजें आ रही हैं। पहले इन सबसे विद्यार्थी दूर ही रहते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। आईआईटी मद्रास ने ऑनलाइन बीएससी कोर्स चालू किया है और इसमें भर्ती को लेकर कोई तय सीमा नहीं है। इसी तरह और भी संस्थान आगे आयेंगे, अभी कोरोना जैसी महामारी के कारण एक तरह का धक्का जैसा लग रहा है, लेकिन ये बस एक साल के लिए है। अभी बच्चे वोकेशनल ट्रेनिंग और एनएसबीसी कोर्स का रुख करेंगे जो आगे चलकर शिक्षा जगत में बूम लायेगा। हालांकि बच्चों के लिए झटका ये है कि उन्हें ऑनलाइन कॉन्सेप्ट समझ में नहीं आ रहा है। कॉन्सेप्ट क्लियर नहीं होने पर समस्या होगी। इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या होगी कि जिस छात्र का फर्स्ट डिविजन आया है, लेकिन 60% नंबर हैं, उनका क्या होगा।’

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

भाजपा की अपील : ‘बुर्का’ पहनकर आये मतदाताओं की हो पूरी जांच

सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : प्रदेश भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि बुर्का में वोट डालने वाले मतदाताओं के पहचान पत्र का मिलान किये आगे पढ़ें »

भवानीपुर विधानसभा चुनाव : हाई कोर्ट में निर्णायक सुनवायी आज

पितृ पक्ष में इन संकेतों से जानें पूर्वज खुश हैं या नहीं

पैसों की तंगी से बचने के लिए करें आटे के ये उपाय, होगी मां लक्ष्मी की कृपा

मिनी भारत है भवानीपुर, यहीं से शुरू होगी दिल्ली की लड़ाई : ममता

इस उम्र की लडकियां चाहती है बिना कंडोम के सेक्स करना

चाहूं तो 3 महीने में बंगाल भाजपा को खत्म कर दूं लेकिन ऐसा नहीं करूंगा – अभिषेक

भाजपा सोच भी नहीं सकती कि ऐसे बड़े नेता आना चाहते हैं तृणमूल में – फिरहाद

भाजपा नेता के शव के साथ प्रदेश अध्यक्ष पहुंचे कालीघाट, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की

तृणमूल की सियासत का अगला मंच गोवा और मेघालय

ऊपर