अधीर ने कहा, कोरोना से मुकाबले में आगे आयें पार्टी नेता व कार्यकर्ता

मुर्शिदाबाद : कोरोना से मुकाबले के लिए पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा सहायता का हाथ बढ़ाने के निर्देश प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद अधीर रंजन चौधरी ने दिये। शनिवार को बहरमपुर जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य भर में कांग्रेस के नेताओं व कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि जो जहां सकेंगे, वहां हेल्पलाइन चालू कर लोगों की ओर सहायता का हाथ बढ़ायें। राज्य के सभी कांग्रेस जिलाध्यक्षाें के साथ बैठक कर अधीर ने ये बात जिलाध्यक्षों से भी कही। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर अधीर ने अपील की है कि इस समय राज्यवासियों के प्रति संकीर्णता को दूर रखकर उदारता का हाथ बढ़ाते हुए सहायता करें और बगैर मूल्य के सभी लोगों को वैक्सीन की व्यवस्था करें। पश्चिम बंगाल सरकार को उदार होकर सहयोग करना होगा। इसके अलावा पश्चिम बंगाल सरकार से आवेदन है कि एक सर्वदलीय बैठक बुलाकर हमारा मत व्यक्त करने का मौका दिया जाये। कांग्रेस पार्टी की ओर से राज्य सरकार को कोरोना मुकाबले के लिए हर संभव सहयोग करने का आश्वासन भी अधीर ने दिया। इस दिन अधीर ने कहा ​कि उनके एमपी लैड के पुराने फंड के सभी रुपये कोविड मुकाबले के लिए ऑक्सीजन प्लांट और एम्बुलेंस समेत विभिन्न मद में जिलाशासक की ओर से खर्च किये जाये। इस संबंध में पहले ही वह जिलाशासक को चिट्ठी लिख चुके हैं। अधीर चौधरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था में अवनति होने पर केंद्रीय टीम को राज्य में भेजने के पीछे संकीर्णता है। चुनाव के दौरान लोगों ने बता दिया है कि ये बंगाल एकता का है, सांप्रदायिकता का नहीं। भाजपा समेत हम सभी को लोगों का निर्णय सिर झुकाकर मान लेना होगा। हमने अपनी हार खुशी से स्वीकार कर ली है। भाजपा अगर पराजय नहीं मान रही है तो यह उसकी राजनीतिक मूर्खता है। इस कारण इस तरह केंद्रीय वाहिनी भेजने के बजाय दिल्ली से कोविड वाहिनी भेजी जाये। अगर प्रधानमंत्री राज्य के संबंध में चिंतित हैं तो क्यों वह सीएम से फोन पर बात नहीं कर रहे हैं। विधानसभा में भाजपा विधायकों के शामिल नहीं होने की बात का अधीर ने तीखा विरोध किया। उन्होंने कहा कि अगर विरोध में ही पीछे हट जायेंगे तो चुनाव में हिस्सा क्यों लिया ? लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों होते हैं। विपक्ष के बिना लोकतंत्र शक्तिशाली नहीं होता। लोगों की बातें रखने की जगह है विधानसभा और लोकसभा, जिसे कानून सभा कहते हैं। कानून सभा का बहिष्कार कर भाजपा ने एक और राजनीतिक संकीर्णता का परिचय दिया है। भाजपा के इस निर्णय को अधीर ने अलोकतांत्रिक करार दिया।

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