राजनीति छोड़ने को लेकर अभिषेक ने कह दी ये बड़ी बात

तृणमूल बंगाल के बाहर सीट नहीं, बहुमत लाने के लिए उतरेगी मैदान में : अभिषेक
एक महीने की तैयारी, फिर देशभर में आधार बढ़ाएगी तृणमूल, भाजपा को देगी चुनौती
कहा : यहां कोई सेकेंड इन कमांड नहीं, एक ही कमांड हैं ममता बनर्जी
एक परिवार एक नेता बिल पास करे केंद्र, सबसे पहले मैं छोडूंगा राजनीति
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बंगाल में मजबूत जनाधार के बाद देश के बाकी राज्यों में अपना आधार बढ़ाने की ओर बढ़ रही सर्व भारतीय तृणमूल कांग्रेस का लक्ष्य किसी राज्य में 2-4 विधायक जीतना नहीं बल्कि पूरे राज्य को जीतना है। इसी फोकस के साथ तृणमूल देश की राजनीति में कदम बढ़ा रही है, जिसे लेकर तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बंद्योपाध्याय ने कहा कि पार्टी को इसके लिए एक महीने की तैयारी करनी है, फिर बंगाल के बाहर बहुमत लाने के लिए हम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे। महज 48 घंटे पहले राष्ट्रीय महासचिव का पदभार मिलने के बाद अभिषेक ने अपनी भावी रणनीतियों पर बात की, साथ ही कहा कि जल्द इस पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
लक्ष्य अपना आधार बढ़ाना, भाजपा को देश से बचाना
अभिषेक ने बताया कि तृणमूल अब देशभर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती है। इसके लिए पार्टी स्तर पर कुछ रणनीतियां तैयार की जा रही हैं जिसमें कम से कम एक महीने का वक्त लगेगा। उसके बाद उसी योजना के अनुसार फुल फेज में पार्टी हर राज्य में अपना विस्तार कार्य शुरू करेगी। अभिषेक ने यह भी कहा कि पार्टी का टार्गेट राज्यों में जाकर कुछ विधायक जीतना नहीं है बल्कि पूरे राज्य में अपना बहुमत हासिल करना है। वहां तृणमूल अपना आधार मजबूत कर भाजपा से सीधे मुकाबला करने की तैयारी कर रही है।
तृणमूल में एक ही कमांड ममता बनर्जी, 20 साल तक नहीं लूंगा कोई पद
अभिषेक ने कहा ​कि तृणमूल का चेहरा सिर्फ ममता बनर्जी हैं। यहां कोई सेकेंड इन कमांड या थर्ड इन कमांड नहीं है। सिर्फ एक ही कमांड हैं जिसका नाम ममता बनर्जी है, बाकी सभी पार्टी के कर्मी हैं। मैं खुद कर्मी के हिसाब से काम करता आया हूं और आगे भी करता रहूंगा।
एक परिवार एक नेता बिल लाए तो छोड़ दूंगा राजनीति
अभिषेक को दो दिन पहले ही पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है जो बड़ी और अहम जिम्मेदारी है। ममता बनर्जी के इस फैसले पर भाजपा द्वारा भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया गया है जिसके जवाब में अभिषेक ने कहा कि भाजपा को अगर ऐसा लगता है तो वह संसद में ऐसा बिल लाए जिसमें एक परिवार से एक ही व्यक्ति राजनीति में रहेगा, ऐसा उल्लेख हो तो वह सबसे पहले पार्टी से इस्तीफा दे देंगे। अभिषेक ने दावा किया कि अगले 20 सालों तक वह मंत्री या किसी भी पद पर नहीं जाएंगे। सांसद हैं जिसे जनता ने चुना है।
भाजपा बंगाल की हार पचा नहीं पा रही
अभिषेक ने कहा कि ‘विधानसभा चुनाव में भाजपा अपनी हार को पचा नहीं पा रही है। इसलिए तृणमूल के खिलाफ कुप्रचार कर रही है। शुभेन्दु पर निशाना कसते हुए अभिषेक ने कहा कि वह विरोधी दल के नेता हैं, उन्हें उसी पद के हिसाब से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि विधानसभा रिजल्ट आने के बाद देशभर से एक लाख ई-मेल मिले हैं, जहां भाजपा को हराने के लिए धन्यवाद दिया गया।

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