11 बैंकों में 8 करोड़ और मिले, पार्थ-अर्पिता की जोड़ी से अब तक क्या-क्या मिला

कोलकाता: ”नहीं है मेरा एक भी पैसा नहीं है”। यह बात अपनी सफाई में बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी ने मीडिया के सामने दी है। पार्थ चटर्जी ने अपनी कथित करीबी सहयोगी रही अर्पिता मुखर्जी, जिसके घरों से ईडी ने करोड़ों की नकदी जब्त की है। पार्थ ने रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उसे लेकर यह बयान दिया है। वहीं चटर्जी की गिरफ्तारी के आठ दिन बाद और करीब 50 करोड़ रुपये नकद की बरामदगी के बाद से साफ इनकार किए जाने को लेकर उनकी पार्टी रही तृणमूल कांग्रेस ने आलोचना की है। ईडी की अब तक की गई कार्रवाई में पार्थ और अर्पिता के 11 बैंक खाते भी सामने आए हैं, जिनमें करीब 8 करोड़ जमा हैं। इसको लेकर भी ईडी जांच में जुटी है।
ईडी की रडार पर 11 बैंक खातों में जमा 8 करोड़ रुपये
ईडी की नकद जब्ती की कार्रवाई के बाद पार्थ चटर्जी के तीन और अर्पिता मुखर्जी के आठ यानी कि करीब लगभग 11 बैंक खाते अब प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में आ गए हैं। इन खातों में करीब 8 करोड़ रुपये जमा हैं, जिनमें से 2.5 करोड़ रुपये पहले ही डेबिट फ्रीज में रखे जा चुके हैं। ईडी के सूत्रों ने कहा कि चटर्जी के दो राष्ट्रीयकृत बैंकों और एक निजी क्षेत्र के बैंक में पांच खाते हैं। पार्थ के 2021 चुनाव आयोग के हलफनामे के अनुसार, उनके खातों में लगभग 60 लाख रुपये हैं।

ऐसे हुआ जांच एजेंसी को शक
एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक दस्तावेजों के दो सेटों से उन्हें शक हुआ कि चटर्जी एक दशक से अधिक समय से अर्पिता के ‘निकट संपर्क’ में थे। दरअसल ईडी के अधिकारियों को कई बीमा पॉलिसियां मिली हैं, जिन्हें चटर्जी ने मुखर्जी के साथ नामित या लाभार्थी के रूप में खरीदा था। वहीं दस्तावेजों का एक और सेट जनवरी 2012 में बोलपुर में एक कथित घर खरीद से संबंधित है। मुखर्जी के वकील नीलाद्री भट्टाचार्य ने कहा कि किसी भी दावे से पहले इसकी जांच होनी चाहिए। हम दस्तावेजों की प्रामाणिकता का पता लगा रहे हैं।

 

 

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

आज रात को कट जाएगी आपके घर की बिजली.. इस मैसेज ने किया लोगों को परेशान, जानिए हकीकत

कोलकाताः बिजली का बिल भरना एक ऐसा काम है जो हर महीने किया जाता है और कई बार ऐसा होता है कि हम इसे समय आगे पढ़ें »

ऊपर