महानगर में 61 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं में मौत बस और ट्रकों के कारण

वर्ष 2021 में ट्रक की चपेट में आने से 77 और बस के कारण 43 लोगों की हुई मौत
पिछले साल 185 घातक दुर्घटनाओं में 196 लोगों की मौत हुई
2020 में 201 और 2019 में 267 लोगों की हुई थी मौत
दो पह‌िया वाहनों से 315 और कार से 355 लोग हुए घायल
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पिछले साल महानगर की सड़कों पर ट्रक की चपेट में आने से सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई है। दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा मौत बस दुर्घटनाओं के कारण हुई है। इसके अलावा कार व बाइक के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा लोग घायल हुए हैं। कोलकाता ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी एनुअल बुलेटिन के अनुसार पिछले साल महानगर में 185 घातक दुर्घटनाओं में 196 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा महानगर में घटी 1278 सड़क दुर्घटनाओं में करीब 992 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे और 496 लोगों को हल्की चोटें आयी थीं। वहीं बात करें वर्ष 2019 और 2020 की तो 2019 में 267 और 2020 में 201 लोगों की मौत हुई थी। पिछले साल सड़क दुर्घटना में मरने वाले 196 लोगों में से 77 लोगों की मौत ट्रक दुर्घटना के कारण हुई थी। इनमें से 58 लोगों की मौत भारी ट्रकों की चपेट में आने से हुई थी। अन्य लोगों की मौत मेटाडोर और छोटा हाथी की टक्कर के कारण हुई थी। वर्ष 2021 में 43 लोगों की मौत बस दुर्घटना के कारण हुई थी। इनमें से 4 लोगों की मौत सरकारी बस की टक्कर से हुई थी, बाकी लोगों की मौत प्राइवेट बस की चपेट में आने के कारण हुई थी। पिछले साल हुई कुल दुर्घटनाओं में से 61 प्रतिशत दुर्घटनाओं में बस और ट्रक शामिल थे। आंकड़ों की मानें तो महानगर में कुल वाहनों के मुकाबले ट्रकों और बसों की संख्या मात्र 7 प्रतिशत है। कोलकात में कुल रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या करीब 2 करोड़ है। इनमें 1.15 लाख बस और ट्रक हैं। इधर, गैर घातक दुर्घटनाओं की बात की जाए तो वर्ष 2021 में दो पहिया वाहन की टक्कर से 315 लोग घायल हुए हैं और चार पहिया वाहन की टक्कर से 355 लोग घायल हुए हैं। हालांकि दो पहिया वाहन से गंभीर रूप से 218 लोग घायल हुए हैं तो कार की टक्कर से 201 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार ट्रक की चपेट में आने से 20 राहगीर और 35 मोटरसाइकिल सवारों की मौत हुई थी। बस की चपेट में आने से 18 राहगीरों की मौत हुई और 7 यात्री घायल हुए थे।

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