ममता, मलय व सरकार पर लगा 5-5 हजार का कॉस्ट

नारदा मामले में एप्लिकेशन पर हाई कोर्ट के लार्जर बेंच का आदेश
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मुख्य मंत्री ममता बनर्जी, कानून मंत्री मलय घटक और राज्य सरकार के एफिडेविट रिकार्ड में दर्ज किए जाएंगे। इसके लिए उन्हें कॉस्ट के रूप में पांच-पांच हजार रुपए देने पड़ेंगे। हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस राजेश बिंदल,जस्टिस आईपी मुखर्जी, जस्टिस हरीश टंडन, जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस अरिजीत बनर्जी के लार्जर बेंच ने बुधवार को यह आदेश दिया।
इस मामले की सुनवायी के बाबत जानकारी देते हुए एडवोकेट अमृता पांडे ने बताया कि नारदा मामले में मुख्यमंत्री, कानून मंत्री और राज्य सरकार की तरफ से एफिडेविट दाखिल की गई थी। एडिशनल सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस पर एतराज जताते हुए कहा था कि उनकी बहस पूरी होने के बाद एफिडेविट दाखिल की गई है। इसके बाद ही लार्जर बेंच ने नौ जून को इस एफिडेविट को रिकार्ड में दर्ज करने से इनकार कर दिया था। इसके खिलाफ ममता बनर्जी, मलय घटक और राज्य सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई थी। जस्टिस विनीत सरण के डिविजन बेंच ने लार्जर बेंच के आदेश को खारिज करते हुए पिटिशनरों से कहा था कि वे लार्जर बेंच में एक एप्लिकेशन दायर करे और इसे क्यों लिया जाना चाहिए इसका कारण बताए। लार्जर बेंच पहले इसकी सुनवायी करेगी। मंगलवार को इसकी सुनवायी पूरी होने के बाद लार्जर बेंच ने अपने फैसले को आरक्षित कर लिया था। लार्जर बेंच ने बुधवार को अपने आदेश में कहा कि उनके एफिडेविट को रिकार्ड में लिया जाएगा लेकिन इसके एवज में तीनों पिटिशनरों पर पांच-पांच हजार रुपए का कॉस्ट लगेगा।

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