खुद को डीएसपी बताकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे 35 लाख

बेरोजगार युवकों को नकली ड्रेस और नियुक्त‌ि पत्र भी दिया
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : खुद को डीएसपी रैंक का अधिकारी बताकर बेरोजगार युवकों को पुलिस कांस्टेबल और होमगार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर 35 लाख रुपये की ठगी करनेवाले जालसाजों के गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। घटना बहूबाजार थानांतर्गत चांदनी इलाके की है। कोलकाता प‌ुलिस के डीडी के एआरएस अधिकारियों ने मामले में फर्जी डीएसपी सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों के नाम मसूद राना (24), रवि मुर्मू (40), शुभ्रो नाग राय (44) और परितोष बर्मन (50) बताये गए हैं। इनमें से मसूद मुर्शिदाबाद के रानीतल्ला, रवि मालदह के गाजोल, शुभ्रो उत्तर 24 परगना के गायघाटा और परितोष पश्च‌िम मिदनापुर के पिंगला का रहनेवाला है। अभियुक्तों के पास से 1.85 लाख रुपये नकद, मसूद राना के नाम पर डीएसपी का फर्जी आईडी कार्ड, फर्जी नियुक्त‌ि पत्र और नकली खाकी यूनिफॉर्म जब्त किए गए हैं।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार गुरुवार की सुबह पश्च‌िम मिदनापुर के सालबनी के रहनेवाले समरेश महतो ने बहूबाजार थाने में अभियुक्तों के खिलाफ ठगी की शिकायत दर्ज करायी। समरेश ने बताया कि मसूद और उसके साथियों ने खुद को डीएसपी बताकर उसे और उसके दोस्तों को पुलिस कांस्टेबल और होमगार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर 35 लाख रुपये ले लिए। मिदनापुर और कोलकाता के एक होटल में समरेश और उसके दोस्तों को फर्जी नियुक्त‌ि पत्र दिया गया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि मसूद राना ने खुद को वेस्ट बंगाल पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड का डीएसपी बताया था। रवि मुर्मू पहले कोलकाता पुलिस में कांस्टेबल के पद पर नौकरी करता था। वर्ष 2012 में उसकी नौकरी चली गयी थी। वहीं परितोष दलाल का काम करता था। वह विभ‌िन्न ग्रामीण इलाके के युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने की बात कहता था। वह नौकरी पाने की चाहत रखने वाले युवकों से साढ़े 6 लाख रुपये मांगता था। अभियुक्त गवर्नमेंट ऑफ वेस्ट बंगाल लिखी कार में सवार होकर घूमते थे। अभियुक्त युवकों को ट्रेनिंग में भेजने के लिए चांदनी चौक के एक होटल में लेकर आए थे। उन सभी युवकों को जालसाज हालीशहर में ट्रेनिंग के लिए भेजने वाले थे, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी ट्रेनिंग में नहीं भेजे जाने और फिर होटल में भोजन ठीक से नहीं मिलने के कारण उन युवकों को संदेह हुआ। इसके बाद ही युवकों ने बहूबाजार थाने में शिकायत दर्ज करायी। इसके बाद ही मामले की गंभीरता को देखते हुए एआरएस अधिकारियों ने अ‌भियुक्तों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस अभियुक्तों से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि उन्होंने इस तरह और कितने लोगों के साथ ठगी की है।

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