राज्य में 5 प्रसूताओं में 1 किशोरी, स्वास्थ्य विभाग ने गठित की कमेटी

मातृत्व मृत्यु दर को कम करने के लिए विशेष निगरानी
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः राज्य में मातृ मृत्यु दर के प्रमुख कारणों में से एक किशोरावस्था के दौरान गर्भावस्था और इससे जुड़ी विभिन्न जटिलताएं भी शामिल हैं। यह तथ्य उभरकर सामने आया है स्वास्थ्य विभाग की बैठक में। इसके अलावा अन्य प्रमुख कारणों में बच्चे के जन्म के दौरान उच्च रक्तचाप और बच्चे के जन्म के बाद मां की शारीरिक स्थिति की उचित निगरानी की कमी भी शामिल है। मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी और विभिन्न मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों के प्रमुखों ने एक बैठक की। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार 2021-22 में मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (93) में राज्य के चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में सबसे अधिक मातृ मृत्यु हुई है। दूसरी तरफ सबसे कम चित्तरंजन सेवा सदन (3) में मातृ मृत्यु दर रही। कोलकाता के मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों में आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (40) की अवस्था इस दौरान सबसे खराब मिली। इसके बाद एनआरएस (17) का स्थान रहा। सूत्रों के अनुसार वर्ष 2021-22 में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 12 लाख 736 प्रसव हुए। इनमें से 2 लाख 28 हजार 585 प्रसूताएं किशोरावस्था में ही मां बन चुकी हैं। ऐसे में आकलन के अनुसार हर 5 में से 1 मां किशोरी है, जिसका प्रतिशत (19%) है। देखा जा रहा है कि 2021-22 में 1129 प्रसूताओं की मृत्यु हुई है। देखा जा रहा है कि उस मामले में भी 21 फीसदी मामलों में किशोरी प्रसूताओं की मौत हुई है। राज्य के स्वास्थ्य सेवा निदेशक (डीएचएस) डॉ. अजय चक्रवर्ती ने कहा, ”हमारे आंकड़े पिछले साल के मुकाबले इस बार थोड़े बेहतर हैं। मातृ उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के साथ-साथ हर 32 सप्ताह में कम से कम एक बार जांच, ग्रामीण अस्पतालों में प्रसवपूर्व क्लीनिकों के बुनियादी ढांचे में सुधार सहित अन्य कार्य हुए हैं। इससे हमें काफी मदद मिली है।
2021-22 में कुछ जगहों की मातृत्व मृत्यु दर
मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज-93
आर.जी.कर मेडिकल कॉलेज-40
एनआरस मेडिकल कॉलेज-17
चित्तरंजन सेवा सदन-3
(नोट-आंकड़े स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग, पश्चिम बंगाल)

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

शनिवार को ये 5 चीजें खरीदने से बचना चाहिए, जानिए क्या है इसका कारण

कोलकाताः शनिवार भगवान शनि का दिन है। इस दिन शनिदेव की पूजा से शुभ फल प्राप्त होते हैं और बुरे दिन खत्म होते हैं। शनिवार आगे पढ़ें »

ऊपर