होम आइसोलेशन की लापरवाही बढ़ा रही संक्रमण की रफ्तार

लगातार मॉनिटरिंग ही देगी घर पर राहत, ऐसींप्टोमेटिक मरीजों के लिए घर पर टेलीमेडिसिन रामबाण
सोनू ओझा,कोलकाता : कोरोना का ग्राफ दिनों-दिन बढ़ रहा है, इसमें दो राय नहीं है। बढ़ते मामलों के पीछे आम जनों में जागरूकता की कमी है, यह भी सही है मगर बहुत कम लोगों को ही पता है लापरवाह बने यह लोग सिर्फ सड़कों पर घूमने वाले नहीं बल्कि होम आइसोलेशन में मैं खुद को रखने वाले लोग भी हैं, जिनमें यह भ्रम रहता है कि ‘हम स्वस्थ हो गए हैं’ और वह बेपरवाह होकर घरवालों से घुलने-मिलने लग रहे हैं, बाहर चले जा रहे हैं, खरीदारी कर रहे हैं। उनकी यह लापरवाही उनके अंदर छिपी कोरोना के संक्रमण को संपर्क में आने वाले लोगों तक बड़ी ही आसानी से फैला दे रही है। इस तथ्य को लेकर हाल ही में जो सर्वे हुए हैं उसमें भी इस बात की तरफ इशारा किया गया है कि घर में इलाज कराने वाले लोगों से ही कोरोना का संक्रमण अधिक फैल रहा है। सरकार की तरफ से अस्पतालों में बेड की कमी होने के कारण अल्प लक्षण वाले कोरोना के मरीजों को होम आइसोलेशन में रहकर इलाज कराने की सशर्त इजाजत दी गई है जबकि कुछ लोग इसमें कहीं ना कहीं लापरवाही बरत रहे हैं।
घर पर बंद होकर भी लापरवाही, बढ़ा रहा
वेस्ट बंगाल डॉक्टर्स फोरम के सचिव डॉ. कौशिक चाकी ने बताया कि कुछ लोगों में यह धारणा बनी हुई है कि हमें डॉक्टर बचा लेंगे, जबकि यह गलत है। कोरोना का संक्रमण ऐसा है जिसमें डॉक्टर सिर्फ इलाज कर सकते हैं। उससे बचाव पूरी तरह से आपकी जागरूकता पर निर्भर है। सड़कों पर कई लोग हैं, जो बगैर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इसी तरह खुद को घरों में इलाज के लिए बंद किए लोग भी खुद को स्वस्थ होने की गलतफहमी में घरवालों और बाहरी दुनिया से मेल मिलाप बढ़ा ले रहे हैं। उनकी यह लापरवाही संक्रमण को और मजबूत करने का मौका दे रही है, जिसकी वजह से कोरोना की चेन कमजोर करने की बजाय मामले बढ़ा रही है, नतीजे पिछले दिनों के बढ़े हुए मामले हैं।
होम आइसोलेशन में टेलीमेडिसिन से संपर्क जरूर करें : एक्सपर्ट
होम आइसोलेशन में रहने वाले अल्प लक्षण के कोरोनावायरस को लेकर एक्सपर्ट का कहना है कि वह टेलीमेडिसिन से बराबर संपर्क करें ताकि उन्हें पता चल सके कि उनका इलाज घर पर सही तरीके से हो रहा है कि नहीं अपने पल्स की जानकारी ब्लड प्रेशर की जानकारी टेंपरेचर की जानकारी बराबर देते रहे तभी सही मायनों में उनका घर पर इलाज सफल होगा
15 साल से छोटे, 50 से अधिक को विशेष ध्यान की जरूरत है
एक्सपर्ट का कहना है कि घर पर रहने वाले 15 साल से छोटे बच्चे और 50 साल से अधिक लोगों में संक्रमण अधिक फैलने और फैलाने का खतरा होता है। इसलिए इन्हें लेकर खास सतर्कता बरतनी
जरूरी है।
बगैर मॉनिटरिंग होम आइसोलेशन खतरा
प्रो. डॉ. सुकुमार बनर्जी ने कहा कि होम आइसोलेशन अल्प लक्षण वाले कोरोना के मरीजों के लिए हैं। इसमें मरीज ठीक भी हुए हैं मगर यह तभी तक स्वास्थ्यवर्धक है जब वहां डॉक्टरी चिकित्सा की पूरी व्यवस्था हो, उनकी निगरानी हो। इसके बगैर सिर्फ खुद को घर में बंद कर देना संक्रमण को दबाने की जगह संक्रमण को फैलाने का रास्ता देता है।
होम आइसोलेशन में है तो यह बातें जरूर माने
– घर के बाकी सदस्यों के संपर्क में 14 दिन तक ना आए
– घर पर पल्स ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल करें
– डॉक्टर से लगातार बात करते रहें
– अपनी तबीयत की जानकारी बराबर देते रहें
– 14 दिन तक घर से बाहर ना निकलें

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