स्थिति बिगड़ी तो संभव है मध्यावधि चुनाव

भाजपा का लक्ष्य 100 नगरपालिका, 50 विधायक के हाथों में कमल
केंद्र व राज्य के बीच में भाजपा हस्तक्षेप नहीं करती
नई दिल्ली –  पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल के बीच जो राजनीतिक जंग चल रही है, इन सबके बीच विधानसभा चुनाव दोनों ही पार्टियों के लिए केंद्र बिंदु बन गया है। राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाये जा रहे हैं। इन सारे मुद्दों पर सन्मार्ग की वरिष्ठ संवाददाता  मधु सिंह ने  बात की बंगाल की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मुकुल राय से। मुकुल राय का कहना है कि यूं तो बंगाल में विधानसभा चुनाव 2021 में ही होना तय है लेकिन इसके पहले अगर ऐसा होता है तो इसके लिए तृणमूल सरकार ​जिम्मेदार होगी, क्योंकि इस सरकार के कार्यों पर बहुत कुछ निर्भर करता है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अगर राज्य की परिस्थिति संभालने में नाकाम रहती हैं तो समय से पहले विधानसभा चुनाव संभव है।
सन्मार्ग – राज्य में बिगड़ती कानून – व्यवस्था के नाम पर भाजपा ने कई बार केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग की मगर केंद्र सरकार ने अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया ?
मुकुल – संघीय ढांचे में कभी भी केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच भाजपा हस्तक्षेप नहीं कर सकती। पंचायत चुनाव में 34 फीसदी सीटों पर हमें नामांकन तक दाखिल करने नहीं दिया गया। यहां तक कि काउंटिंग में भी गड़बड़ी की गई। हमारे 100 से अधिक कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। लोकसभा चुनाव के समय हमारे नेताओं के हेलिकॉप्टर की लैंडिंग की अनुमति नहीं दी गई। लोकसभा चुनाव पूरे देश में शांतिपूर्ण हुआ लेकिन केवल बंगाल में हिंसा हुई। इसके बावजूद लोगों का जनादेश भाजपा के पक्ष में गया। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह खराब है। डाक्टरों की हड़ताल ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र को बिगाड़ दिया। बंगाल में गणतंत्र नहीं रहा है। बंगाल में भाजपा इसे लेकर लगातार आंदोलन कर रही है।
सन्मार्ग – भाषाई साम्प्रदायिकता के आधार पर बंगाल को बांटने की कोशिश से राज्य को कितना नुकसान होगा ?
मुकुल – यह राज्य के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है। पूरे देश का ही एक अंग है बंगाल। अनेकता में एकता ही यहां की पहचान है। हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाल को एक अलग राष्ट्र बनाना चाहती हैं। वह हिन्दू-मुस्लिम कार्ड खेलने में फेल हो गईं जिस कारण अब बंगाली – बिहारी कर रही हैं।
सन्मार्ग – क्या बंगाल राष्ट्रपति शासन की ओर बढ़ रहा है ?
मुकुल – हम राष्ट्रपति शासन नहीं चाहते हैं । हालांकि ममता बनर्जी लोगों के जनादेश को मानने के लिए तैयार नहीं हैं।
सन्मार्ग – क्या 2021 से पहले बंगाल में विधानसभा चुनाव की संभावना है ?
मुकुल – हम ऐसा नहीं चाहते हैं लेकिन अगर ममता बनर्जी 2021 तक सरकार चला नहीं पाईं तो अलग बात है। ऐसे में 2021 से पहले भी विधानसभा चुनाव हो सकते हैं।
सन्मार्ग – किन मुद्दों को लेकर आप बंगाल की जनता के बीच जाएंगे?
मुकुल – बंगाल में गणतंत्र नहीं है, शिक्षा नहीं है। संस्कृति व उद्योग नहीं है। यहां केवल बेरोजगारी है। बंगाल हर क्षेत्र में फेल हो चुका है। ये सभी मुद्दे हैं।
सन्मार्ग – ममता बनर्जी के गृह मंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर इस्तीफे को लेकर भाजपा का अगला कदम क्या होगा ?
मुकुल – भाजपा जल्द अपनी इस मांग को लेकर सड़क पर उतरने वाली है। हम इस मुद्दे को लेकर सड़क पर रहेंगे व आंदोलन करेंगे।
सन्मार्ग – बंगाल में अपनी जमीन मजबूत करने के लिए भाजपा का अगला टार्गेट क्या है ?
मुकुल – 100 नगरपालिकाओं पर भाजपा का कब्जा । 50 विधायकों के हाथों में भाजपा का झंडा। लाइन बन चुकी है, जल्द सब कुछ सामने आने वाला है।

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