सुप्रीम कोर्ट से भाजपा के 5 नेताओं को संरक्षण

नयी दिल्ली/कोलकाता : भाजपा के पांच नेताओं को सुप्रीम कोर्ट से संरक्षण मिला है। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों में पुलिस जनवरी के दूसरे सप्ताह तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं कर पाएगी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस ऋषिकेष राय के बेंच ने भाजपा नेताओं की तरफ से दायर मामलों की शुक्रवार को सुनवायी करने के बाद यह आदेश दिया। एडवोकेट विकास सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अर्जुन सिंह, कैलाश विजयवर्गीय, मुकुल राय, सौरभ सिंह और पवन सिंह की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से याचिकाएं दायर की गई थी। इसमें कहा गया है कि सभी नेताओं के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल होने के बाद ही आपराधिक मामले दर्ज किए गए।

एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने सांसद अर्जुन सिंह की तरफ से बहस करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस छोड़ने के बाद से अभी तक 64 आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। उनके खिलाफ पहला मामला 2019 में 24 मार्च को दर्ज किया गया था।

अर्जुन व विजयवर्गीय आदि के खिलाफ कठोर कार्रवाई पर रोक

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं बंगाल के प्रभारी सांसद कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ पांच आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। उनके एडवोकेट ने कहा कि वे बंगाल में भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों की देखरेख के लिए ही आते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके खिलाफ पांच आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। मुकुल राय के एडवोकेट ने कहा कि उनका मुवक्किल जब तक तृणमूल में था उसका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं था, लेकिन तृणमूल छोड़ने के बाद से उसके खिलाफ अभी तक 17 आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

इसी तरह भाजपा नेता सौरभ सिंह के खिलाफ 12 और पवन सिंह के खिलाफ नौ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। एडवोकेट रोहतगी सहित सभी एडवोकेटों की दलील थी कि उनके मुवक्किलों के खिलाफ उनकी राजनीतिक गतिविधियों को रोकने के लिए ही आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। खास करके राज्य विधानसभा के चुनावों के मद्देनजर साजिशन यह कार्रवाई की गई है।

एडवोकेट विकास सिंह ने बताया कि जस्टिस कौल के बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि पिटिशनर मामलों की जांच में सहयोग करेंगे। इसके अलावा भाजपा नेता कबीर शंकर बोस के मामले में जस्टिस कौल के बेंच ने गृह मंत्रालय से सीलबंद लिफाफे में एक रिपोर्ट तलब की है। बोस ने अलग से याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके सुरक्षा गार्डों के साथ तृणमूल समर्थकों ने मारपीट की थी। अगली सुनवायी जनवरी के दूसरे सप्ताह में होगी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भाजपा ने किया स्वागत

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भाजपा की ओर से स्वागत जताया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से यह साबित हो गया कि लोकतंत्र में बदले की भावना से काम नहीं किया जाना चाहिए। हमें ममताजी के राज में भले ही न्याय ना मिला हो, लेकिन देश में हमें न्याय मिल गया। इस फैसले से प्रजातंत्र की जीत हुई है और विपक्ष को कुचलने के ​लिए ममताजी व उनकी पार्टी ने जो तमाम को​शिशें की, वह भी धरी रह गयीं। जब तक सब तृणमूल में थे तब तक संत थे और भा​जपा में आते ही भ्रष्टाचारी, गुण्डे हो गये ?’

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल राय ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि आखिरकार सच्चाई की जीत हुई। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हम स्वागत करते हैं। मुकुल ने पश्चिम बंगाल सरकार पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। संवाददाता सम्मेलन में पश्चिम मिदनापुर से कई पंचायत सदस्यों को मुकुल राय ने भाजपा में शामिल कराया जिनमें काफी अल्पसंख्यक भी थे।

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