सीयू हंगामा : 28 जनवरी ब्लैक डे, शर्म से झुक गया सिर – राज्यपाल

dhankhad

बहुत पीड़ा हो रही है, हिल गया हूं पूरी तरह
कर्तव्य पूरा करने से कोई नहीं रोक सकता
छात्राओं को खुली बातचीत करने का प्रस्ताव
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने बुधवार को कहा कि कलकत्ता विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह से ‘भीड़’ का सहारा लेकर उन्हें वापस जाने के लिए मजबूर किया गया और उससे वे पूरी तरह हिल गए हैं। यह एक गौरवमय दिन था और पूरी दुनिया की नजर बंगाल पर थी। इससे इतर जो कुछ भी हुआ उससे 28 जनवरी एक ब्लैक डे बन गया। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। इस घटना से मेरे दिल को बहुत पीड़ा हुई है और शर्म से सिर झुक गया है। लोगों के लिए इस दिन को भूल पाना बहुत कठिन है, लेकिन राज्य के विश्वविद्यालयों का संवैधानिक प्रमुख और कुलाधिपति होने के नाते उन्हें उनके कर्तव्य पालन से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का मैं शुभचिंतक हूं। वे चाहे तो मुझ से खुलकर बातचीत कर सकते हैं। राज्यपाल ने कहा कि इस घटना को लेकर कई वरिष्ठ लोगों ने मुझसे बातें करके दुख जताया है। राज्यपाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘जो घटना कल घटी वह अचानक नहीं घटी थी। कुलाधिपति को विधिवत आमंत्रित किए जाने के बावजूद बेकाबू भीड़ द्वारा आयोजन स्थल से जाने के लिए मजबूर किया गया। इतने बड़े कार्यक्रम में कोलकाता पुलिस का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी नहीं दिखा। यहां तक कि सीपी भी मुझे नहीं दिखे’।
नाम लिये बिना पार्थ पर निशाना
राज्यपाल ने किसी का भी नाम लिये बगैर कहा कि कुछ दिनों पहले सीयू के दीक्षांत समारोह को लेकर एक सीनियर मंत्री का जो बयान आया था उसकी कोई आवश्यकता नहीं थी।
अभिजीत बनर्जी ने किया था मुझसे आवेदन
राज्यपाल ने कहा कि वे बता नहीं सकते हैं कि वह पल उनके लिए कैसा था। उन्होंने कहा कि वे जगदीप धनखड़ के तौर पर नहीं बल्कि चांसलर के तौर पर यह कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोबेल विजेता अभिजीत विनायक बनर्जी ने उनसे कुछ समय के लिए मंच पर आने की अपील की थी।
उल्लेखनीय है कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ को छात्रों के एक समूह ने कलकत्ता विश्वविद्यालय के सालाना दीक्षांत समारोह में मंगलवार को शामिल नहीं होने दिया। इसके बाद राज्यपाल परिसर से चले गए थे। आयोजन स्थल पर राज्यपाल के पहुंचने के बाद छात्रों ने काले झंडे दिखाए और ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए। कुछ छात्रों के हाथों में ‘सीएए नहीं’ और ‘एनआरसी नहीं’ के पोस्टर थे।

शेयर करें

मुख्य समाचार

बंगाल में कोरोना वायरस की वजह से दुर्गापूजा की फीकी पड़ सकती है रौनक

कोलकाता : पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा त्यौहार दुर्गा पूजा कोरोना वायरस के आर्थिक प्रभाव के चलते बजट पर असर पड़ने जा रहा है और आगे पढ़ें »

देश में कोविड-19 के मामले बढ़कर 1965, मृतक संख्या 50, नौ नए मामले आए सामने

नयी दिल्ली : देश में कोविड-19 के मामले बढ़कर गुरुवार को 1,965 हो गए और वहीं इससे अब तक 50 लोगों की जान जा चुकी आगे पढ़ें »

ऊपर